नवगछिया : अंग क्षेत्र का प्रसिद्ध पौष पूर्णिमा कौशल्या मेला बुधवार को सहौरा में श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां कौशल्या की प्रतिमा को विदाई दी और विधिवत पूजन के बाद स्थानीय नदी में विसर्जन किया।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान पारंपरिक विदाई गीत गाए गए। जयकारों और भक्ति संगीत के बीच माहौल भावुक हो उठा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने मां कौशल्या की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों ने बताया कि कौशल्या मेला पूर्वजों द्वारा स्थापित आस्था, विश्वास और परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जिसे आज की पीढ़ी भी पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही है।
मेले के दौरान महादंगल सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। कलाकारों ने भक्ति गीतों और लोक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष भी इसी श्रद्धा और उत्साह के साथ मां कौशल्या के स्वागत का संकल्प लिया।
