नवगछिया व भ्रमरपुर में नवमी पर हवन, पूर्णाहुति और दुर्गा पूजा का समापन

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1 अक्टूबर को सिद्ध पीठ मणिद्वीप दुर्गा मंदिर में हुआ विशेष पूजन

नवगछिया। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी तिथि को नवगछिया बाजार स्थित मैया के दरबार और नारायणपुर प्रखंड के भ्रमरपुर गांव के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मणिद्वीप दुर्गा मंदिर में विधिवत हवन एवं पूर्णाहुति के साथ दुर्गा पूजा का समापन किया गया।

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सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने मां दुर्गा की आराधना करते हुए पूरे भक्ति-भाव से हवन में आहुति दी। वातावरण वैदिक मंत्रों और जय माता दी के नारों से गूंज उठा।


सिद्ध पीठ मणिद्वीप दुर्गा मंदिर में विशेष आयोजन

सिद्ध पीठ मणिद्वीप दुर्गा मंदिर समिति के अध्यक्ष हिमांशु मोहन मिश्रा उर्फ दीपक जी ने बताया कि नौ दिनों तक पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। प्रतिदिन सुबह-शाम आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित हुए।

नवमी के दिन मंदिर प्रांगण में विशेष हवन किया गया। ग्रामीणों और वरिष्ठ जनों ने मिलकर मां दुर्गा का आवाहन करते हुए अंतिम दिन पूर्ण आहुति दी। इसके बाद मां की भव्य आरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया।


प्रतिमा विसर्जन की तैयारी

मंदिर समिति ने जानकारी दी कि नौ दिनों तक चले पूजन के बाद, 2 अक्टूबर (गुरुवार) की शाम 6:30 बजे मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

कन्या पूजन के समय छोटी-छोटी कन्याओं को भोजन कराने के बाद उन्हें उपहार देकर विदा करने की परंपरा है। इस अवसर पर कन्याओं को प्रसाद के साथ श्रृंगार सामग्री, फल (जैसे केला और सेब) और लाल रंग के वस्त्र या चुनरी भेंट की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, मां दुर्गा को लाल रंग अत्यंत प्रिय है, और श्रृंगार सामग्री को पहले मां दुर्गा को अर्पित करने के बाद कन्याओं को बांटा जाता है।