नवगछिया/बिहपुर। रबी सीजन के बीच नवगछिया क्षेत्र में यूरिया, डीएपी, पोटाश समेत अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी जोरों पर है। मक्का और गेहूं की फसल में इस समय खाद की अत्यधिक आवश्यकता होती है, लेकिन सरकारी दर पर उर्वरक उपलब्ध नहीं होने से किसान गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के अनुसार वर्तमान में मक्का व गेहूं की फसलों में पटवन के बाद यूरिया की मांग बढ़ गई है। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में देर से मक्का की बुआई करने वाले किसानों को डीएपी, पोटाश के साथ-साथ यूरिया की भी आवश्यकता है। सरकारी दर पर खाद नहीं मिलने के कारण किसान निजी दुकानों और बिचौलियों पर निर्भर होने को मजबूर हैं, जहां उनसे मनमानी कीमत वसूली जा रही है।
किसानों का आरोप है कि कई उर्वरक विक्रेता जानबूझकर यूरिया व अन्य खाद छिपाकर रख रहे हैं और अधिक कीमत पर बिक्री कर रहे हैं। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराएं : बीएओ
बिहपुर : प्रखंड के ई-किसान भवन में प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) अमन निसार के नेतृत्व में प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए बीएओ अमन निसार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी उर्वरक विक्रेता किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर ही खाद उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीएओ ने किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के छिड़काव से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और लंबे समय तक रासायनिक खाद के अत्यधिक प्रयोग से जमीन के बंजर होने की संभावना कम होती है। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
बैठक में जिला परिषद प्रतिनिधि चंदन भारद्वाज के अलावा भाजपा, राजद एवं जदयू के प्रखंड अध्यक्ष सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
