नवगछिया में अवैध लॉटरी का धंधा फल-फूल रहा है। इस गोरखधंधे के जरिए धंधेबाज करोड़पति बन चुके हैं। जबकि लॉटरी खरीदने वाले लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं। हालांकि प्रदेश में लॉटरी का धंधा प्रतिबंधित है। इसे 1993 में ही अवैध करार दे दिया गया था। लॉटरी खेलने और खेलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। लेकिन नवगछिया में लॉटरी की कीमत कम होती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लिहाजा अधिकांश गरीब लोग आसानी से धंधेबाजों के जाल में फंस रहे हैं। सुबह से शाम तक लॉटरी बेचने वाले दुकानदार, रिक्शा चालक सहित छोटे व्यापारियों को लूट रहे हैं। इस खेल में कई सियासत के वजीर भी शामिल हैं। जिनके संरक्षण में यह गोरखधंधा शहर में रात दोगुनी दिन चौगुनी फल फूल रहा है।
राज्य सरकार ने लॉटरी खेलने व खिलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने का प्राविधान किया है। अधिवक्ता अमरनाथ मंडल ने बताया कि इसके खिलाफ धारा 294 ए, 420 आदि धारा के तहत कार्रवाई की जाती है। लॉटरी के धंधेबाजों के खिलाफ पहले नौगछिया पुलिस ने दो बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें 30 जुलाई 2021 को तीन लोगों को करीब 20 हजार 805 पीस नागालैंड छाप लॉटरी के साथ दबोचा गया था। वर्ष 2023 में वार्ड- 2 नवगछिया नगर परिषद क्षेत्र से दो लोगों को करीब 10 हजार लॉटरी टिकट के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन कार्रवाई के बाद ऐसा महसूस होने लगा कि नवगछिया में लॉटरी का धंधा बंद हो जाएगा।

देश के 13 राज्यों में लॉटरी को वैध माना गया है। इसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं। शेष राज्यों में सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है। नवगछिया एसपी पूरण कुमार झा ने कहा कि लॉटरी का धंधा बाजार में चल रहा है इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी अगर ऐसी बात है तो लॉटरी बेचने वालों के खिलाफ और खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
