नवगछिया : नवगछिया में अभी भी लोग अंधविश्वास के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद करते हैं। अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में एक महिला भगत ने मरे बच्चे को जिंदा करने के लिए दो घंटे तक तंत्र-मंत्र का नाटक किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मरे बच्चे को जिंदा करने के लिए वह अस्पताल में जोर-जोर से चिल्ला चिल्लाकर मंत्र पढकर सिर हिलाकर भक्ति का ढोंग किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ अस्पताल में लग गयी। महिला के तंत्र-मंत्र के ढोंग को देखकर जहां कुछ लोग आक्रोश में थे वहीं कुछ लोग आनंद भी ले रहे थे। बताया जाता है कि नवगछिया नोनिया पट्टी निवासी भगवान महतो का 10 माह का पुत्र कुछ दिनों से बीमार चल रहा था, जिसका इलाज झोलाछाप डॉक्टर चंदन कुमार के यहां चल रहा था। परसों बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद आनन फानन में उसे भागलपुर ले जाया जाने लगा, लेकिन रास्ते में ही विक्रमशिला सेतु पर उसकी मौत हो गई।
लड़के के मां-बाप ने उसे दफनाकर अपना मुंडन भी करवा लिया। शनिवार के सुबह-सुबह नोनिया पट्टी की भगत मृतक बच्चे की मौसी सोनी देवी पति संजय महतो जो अपने आप को भगत कहती है। उसने कहा कि हमारे शरीर पर विषहरी माता आती है, बच्चे को जमीन से निकालकर लाओ। परिजनों पर दवाब डालकर उसने जमीन में बच्चे को उठाकर लाया, बच्चे का शव फूल गया था। उसके बाद उसने अनुमंडल अस्पताल में बच्चे के मुंह में अड़हुल का फूल और जल डालकर तंत्र -मंत्र से जिंदा करने का ढोंग रचा।

डॉक्टर से कहा, बच्चा जिंदा हो जाएगा
अनुमंडल अस्पताल में काफी समय तक तंत्र-मंत्र का ढोंग चलता रहा। इस दौरान उसने अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक को कहा बच्चा जिंदा हो जाएगा, उसके मुंह में ऑक्सीजन लगाइए। अस्प्ताल में बढ़ती भीड़ और अंधविश्वास के नाटक के बीच अनुमंडल अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक रमन कुमार ने सूचना नवगछिया पुलिस को दी। उसके बाद नवगछिया पुलिस ने आकर महिला भगत से कहा कि हम खड़े हैं तुम इस बच्ची को जिंदा करके दिखाओ, नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार हो जाओ।
इसके बाद में नवगछिया पुलिस पदाधिकारी ने भगत सोनी देवी एवं मृतक के पिता दोनों के हिरासत में लिया। वहीं नगर थानाध्यक्ष रवि शंकर सिंह ने कहा कि यहां पर जिस तरह की बात भी हो रहा है यह आश्चर्य की बात है। लोग आज सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं। ओझा टोटका के फेर में लोग न पड़े। परेशानी के अलावा उसमें कोई फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले को शांत कर मृत बच्चे को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया।
