नवगछिया – खरीक थाना क्षेत्र के बगड़ी में शुक्रवार की रात को माले नेता जवाहर यादव की गोली मारकर हत्या कर दिया गया था. जिसके विरोध में माले नेता कामरेड बिन्देश्वरी मंडल के नेतृत्व में रविवार को नवगछिया स्टेशन से एक प्रतिरोध मार्च निकाला गया. जिसमें माले नेता ने सुबे के मुख्यमंत्री और नवगछिया पुलिस प्रशासन पर विरोध जताया. माले नेताओं ने सवाल किया कि अपराधियों पर लगाम क्यों नहीं? नीतीश कुमार जवाब दो, अब तक माले नेता जवाहर यादव के हत्यारों की गिरफ्तारी क्यों नहीं? नवगछिया एसपी जवाब दो, अपराधी राज नहीं चला है नहीं चलेगा, का जवाहर यादव को लाल सलाम के प्रमुख नारों के साथ आज नवगछिया स्टेशन परिसर चौक से भाकपा माले के जिला सचिव विंदेश्वरी मंडल, प्रखंड सचिव रामदेव सिंह, इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गौरी शंकर राय, जिला कमेटी सदस्य प्रुशोत्त म दास, रेणु देवी, सुशील भारती, संथाल, रविन्द्र कुमार रवि के नेतृत्व में प्रतिरोध मार्च निकाला गया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जो नवगछिया के मुख्य बाजार होते हुए वैशाली चौक, महराजी चौक होते हुए गोपाल गौशाला तक गए. फिर वापस लौटने के क्रम में वैशाली चौक पहुंचकर प्रतिरोध सभा में तब्दील हो गया. प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव कामरेड विंदेश्वरी मंडल ने कहा माले नेता जवाहर यादव के हत्यारों को अब तक 48 घंटा से ज्यादा बीत चुका है. लेकिन अभी तक एक भी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं. अगर अविलंब अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाकपा माले का संघर्ष और तीखा होगा. सभा को संबोधित करते हुए माले प्रखंड सचिव रामदेव सिंह ने कहा कि नवगछिया अनुमंडल में अपराधियों का एकक्षत्र राज चल रहा है.

हम अपराधी राज के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करेगें. सभा को संबोधित करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गौरी शंकर राय ने कहा कि सुशासन की दवा करने वाली नीतीश कुमार की पोल खुल चुका है. नीतीश मोदी का राज जंगल राज से भी बदतर है. अपराधी खुलेआम हत्या करके चले जा रहें है. लेकिन नीतीश कुमार की पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर पाते है. इसके खिलाफ भाकपा माले जोरदार चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगा. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल थे. कांग्रेस यादव , सिकेंद्र यादव, बिहारी शर्मा, रविन्द्र कुमार रवि, मो सेख, कंचन देवी, रिंकू रानी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे.
