नवगछिया ; महादलित टोला नवादा में शुक्रवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान 15 वर्षों से यहां रह रहे विस्थापित लोगों ने हंगामा करते हुए विरोध शुरू कर दिया। अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद घरों को ध्वस्त कर दिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शुक्रवार को नवगछिया यतेन्द्र पाल एवं एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या पुलिस पदाधिकारी और महिला-पुरुष पुलिस बल थाना क्षेत्र के महादलित टोला नवादा पहुंचे। पहले टोले में घूम कर अतिक्रमणकारियों को घर खाली करने को कहा। लेकिन किन्तु 15 वर्षों से रैयती जमीन पर रह रहे विस्थापित परिवारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसके बाद जैसे ही टीम ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की, मौके पर मौजूद महिलाएं हंगामा करते हुए विरोध शुरू कर दिया। जिस पर पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए हर हाल में कार्रवाई करने की बात कही।
यह सुनते ही लोग उत्तेजित हो गए और कहा कि अब हमलोग कहां रहेंगे। जिसपर पदाधिकारियों ने इस दिशा में साकारात्मक पहल करने का आश्वासन देकर समझाया। इसके बाद लोगों ने घर का समान हटाना शुरू किया। जिसके बाद बुलडोजर से कार्रवाई शुरू हुई और सभी घर को गिराकर ध्वस्त कर दिया गया। अपने घरों को टूटते देख महिलाएं फूट-फूट कर रोने लगीं। रोते हुए प्रशासन कार्रवाई नहीं करने की मांग करती रही। लेकिन प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अतिक्रमित निर्माण ध्वस्त कर दिया।

इस कार्रवाई में एसडीओ और एसडीपीओ के अलावा खरीक सीओ निशांत कुमार, थानाध्यक्ष पंकज कुमार, झंडापुर ओपी प्रभारी भूपेंद्र कुमार, ढोलबज्जा थानाध्यक्ष प्रभात कुमार, खरीक थाना के जेएसआई सूबेदार पासवान, पीएसआई मो एजाज रिजवी, अविनाश कुमार, राहुल कुमार समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरूष पुलिस जवान शामिल थे।
वर्ष 2007 से गंगा नदी के कटाव में विस्थापित होने के बाद सभी महादलित परिवार रैयती जमीन पर सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। जिसके खिलाफ नवादा निवासी अशोक मंडल, माखन मंडल एवं विमल मंडल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था। जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई। इधर कार्रवाई की जानकारी पर पहुंचे खरीक के ही रामगढ़ निवासी शैलेन्द्र कुंवर का कहना है कि उक्त जमीन मेरे एवं मेरे परिवार की है और मैंने ही सभी महादलित परिवारों को अपनी जमीन पर बसाया था। किन्तु उक्त तीनों भाइयों ने जालसाजी कर अपने पक्ष में डिग्री लेकर महादलित परिवारों को परेशान कर रहा है।
एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
