अनुमंडलीय अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल ने 10 फरवरी को एक 41 वर्षीय व्यक्ति को बिना सैंपल और जांच के ही कोरोना पॉजिटिव बता दिया। मैसेज भी उसके मोबाइल पर आ गया। साथ ही उसकी कॉपी जिला जन शिकायत में भी भेज दी गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!युवक 14 फरवरी को सीएम नीतीश कुमार के जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर जाने वाला था। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ने भृगुनाथ शर्मा के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। खास बात यह है कि उसी अस्पताल में जब भृगुनाथ शर्मा ने 10 फरवरी को जाकर कोरोना जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन जिला जन शिकायत के अधिकारी दूसरी रिपोर्ट को मानने को तैयार नहीं है। इसके बाद भृगुनाथ शर्मा रंगरा अस्पताल गए और वहां कोरोना जांच कराई। वहां भी रिपोर्ट निगेटिव आई।
भृगुनाथ शर्मा ने कहा कि अस्पताल के कारनामे को जिला के अधिकारी मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि इसकी लिखित शिकायत वह सीएम, डीएम और एसडीओ से कर चुके हैं। वहीं भृगुनाथ शर्मा ने बिहार ग्रामीण बैंक नवगछिया शाखा प्रबंधक पर साजिश का आरोप लगाया है। क्योंकि ऋण को लेकर बैंक मैनेजर से उसकी बहस हुई थी और इस मामले की शिकायत वह सीएम से करने वाले थे।

