नवगछिया : पुरानी परम्परा से खेला धुरखेल.. ढोलक, झाल, मजीरा लेकर हर दरवाजे पर घूमते

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नारायणपुर। भ्रमरपुर में 100 वर्षों से गांव के सभी जाति के लोग ढोलक, झाल, मजीरा लेकर हर जाति के दरवाजे पर घूमते हैं। इसमें फूहड़ होली नहीं गाई जाती है।

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बल्कि ब्रज होली के गीत बड़ी मस्ती के साथ गाते नाचते घूमते हैं। यह कार्य होली के दिन और होली से एक दिन पूर्व धुरखेल के दिन होता है। इस परंपरा को डॉ. दीपक मिश्र, भजन सम्राट के नेतृत्व में सम्पूर्ण ग्रामवासी प्रेम सद्भाव के साथ मनाते हैं।

मुख्य रूप से प्रो अरविंद कुमार झा, प्रकाश मंडल, हरिकिशोर रविदास, प्रो मिहिर मोहन मिश्र सुमन, नित्यानंद झा, प्रेम झा, बालानंद, कन्हैया, सरपंच प्रतिनिधि रमन, पंचायत समिति बम शंकर शाह आदि सैकड़ों प्रेमी थे।