खरीक में पेट्रोल पंप पर हुए लूट मामले में नगर पंचायत कार्यालय के ड्राइवर रोहित राय के पुत्र सूरज कुमार की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए परिजनों ने पुलिस पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। लूट कांड में कथित रूप से आरोपी सूरज की मां पिंकी देवी ने आवेदन में कहा है कि घटना के दिन सूरज की ममेरी बहन बीमार थी। सूरज 28 जुलाई की रात पौने आठ बजे ममेरी बहन के यहां भागलपुर जा रहा था। इसी बीच जीरोमाइल में उसे खरीक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुबह वह स्वयं थाने गयी तो देखा कि सूरज का मुंह, हाथ, पैर सूज गया था। लेकिन थानाध्यक्ष ने सूरज से मुलाकात नहीं दी। घटना के 40 घंटे बाद 30 जुलाई की शाम चार बजे सूरज को न्यायालय में पेश किया गया जहां उसने बताया कि थानेदार और पुलिसकर्मियों ने उसकी काफी पिटाई की है और उससे एक सादे कागज पर हस्ताक्षर भी ले लिया।


परिजनों का कहना है कि सूरज के पास सिर्फ एक मोबाइल बरामद हुआ है जो उसी का है। प्राथमिकी भी यह बताया गया है कि सभी अपराधी आपस में नाम लेकर बात कर रहे थे और उन लोगों को पता था कि कुछ दूरी पर पुलिस का गश्ती वाहन है। प्राथमिकी और इकबालिया बयान में लिखा गया है कि सभी अपराधी को घेर कर दबोचा गया है और गिरने पड़ने के कारण आरोपियों को चोट लगी है।

पिंकी देवी ने कहा कि उसका पुत्र सूरज बीए का छात्र है। इस केस में फंस जाने के बाद वह अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर सकेगा। वहीं इस संबंध में खरीक थानाध्यक्ष हरिशंकर कश्यप ने कहा कि परिजनों द्वारा लूट कांड में संलिप्त आरोपी को बचाने के लिए इस तरह का आरोप लगाया जा रहा है। जबकि पुलिस के पास उसके विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य हैं।
