नवगछिया: निजी अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा.. दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह

सूचना/खबरे

नवगछिया । जीरोमाइल स्थित जीवन ज्योति हेल्थ केयर क्लिनिक में मंगलवार को इलाज के दौरान नवजात की मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में डॉक्टर की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई। मृतक की पहचान नवगछिया प्रखंड क्षेत्र के ढोलबज्ज़ा धोबिनियां बासा निवासी बासुकी कुमार यादव के नवजात पुत्र के रूप में हुई। इधर अस्पताल संचालक का कहना है कि किसी तरह की लापरवाही नहीं की गई है, मामला शॉर्ट आउट हो गया है। किसी प्रकार की लापरवाही की बात नहीं है। इलाज के दौरान बच्चे को सभी तरह के जीवन रक्षक दवाएं दी गई थी।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मृतक के रिश्तेदार अमित कुमार यादव व नकुल कुमार ने बताया कि 19 फरवरी की सुबह करीब सात बजे डिंपल कुमारी पति बासुकी कुमार यादव ढोलबज्जा धोबिनियां बासा को नवगछिया जिरोमाइल स्थित जीवन ज्योति हेल्थ केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजन ने कहा कि जच्चा को भर्ती कराया तब उसकी हालत सही थी। वहीं सोमवार सुबह करीब 10 बजे नवजात का जन्म हुआ। बताया कि मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे तक बच्चा स्वस्थ था। डॉक्टर ने बताया गया कि बच्चा ऑपरेशन करके हुआ है। नवजात को आईसीयू में भर्ती कराना होगा। परिजनों ने डॉक्टर के कहे अनुसार 24 घंटे आईसीयू में भर्ती कराया।

इसके लिए चार हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लिए गये। परिजनों ने आरोप लगाया कि रात में डॉक्टर क्लिनिक में नहीं रहते हैं। अप्रशिक्षित कंपाउंडर पर पूरा अस्पताल था। सुबह साढ़े छह बजे तक बच्चा स्वस्थ था। सात बजे के करीब नवजात को एक कंपाउंडर ने एक इंजेक्शन दिया। इसके अगले ही पल में नवजात की मौत हो गई। वहीं जब नवजात की मौत के बारे में डॉक्टर से परिजनों ने पूछा तो डॉक्टर ने कहा कि मेरे पास यही व्यवस्था थी। आप चाहते तो अन्यत्र नवजात को लेकर चले जाते। परिजनों ने कहा सुबह साढ़े छह बजे के बाद नवजात सीरियस हुआ तो संचालक ने कुछ नहीं बताया।

अंतिम समय में दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गयी। परिजनों ने कहा कि अस्पताल संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इधर बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजन ने कहा, जच्चा अभी भी इसी हॉस्पिटल में भर्ती है। परिजन नकुल यादव ने अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध इलाज में लापरवाही करने को लेकर स्थानीय थाना में आवेदन देंगे व कार्रवाई की मांग करेंगे। इस बारे में जीवन ज्योति हेल्थ केयर के डॉक्टर कौशल कुमार गुप्ता ने कहा कि मामला शॉर्ट आउट कर दिया गया है। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है।