नवगछिया : नल-जल योजना के बोरिंग से आ रहा गंदा पानी चापाकल से प्यास बुझा रहे भवानीपुर के लोग

सूचना/खबरे

सरकार जनहित में योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है। लेकिन उन योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने वाले अधिकारी, कर्मचारी सेंध लगा रहे हैं। नल जल योजना के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचाने की योजना का बुरा हाल है।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

यह योजना कहीं अधूरी पड़ी है तो कहीं गुणवत्तापूर्ण काम नहीं होने से लोगों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ठेकेदार और अफसरों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रंगरा प्रखंड की भवानीपुर पंचायत के वार्ड दो स्थित कबूतरा स्थान के समीप में डेढ़ साल पहले शुरू हुई नल-जल योजना का काम अधूरा पड़ा हुआ है। यहां पीएचईडी की ओर से योजना का काम कराया गया है, लेकिन ठेकेदार ने 100 में सिर्फ 25 घरों में ही अब तक कनेक्शन दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि जिन घरों में कनेक्शन किया गया है उसमें भी बोरिंग से गंदा पानी की आपूर्ति हो रही है। जो पीने के लायक नहीं है। इससे ग्रामीण चापाकल के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। लोगों ने कहा कि ठेकेदार ने पानी को फिल्टर करने के लिए मशीन नहीं लगाई है। इस कारण गंदा पानी आ रहा है। पांच हजार लीटर की टंकी लगाने के बाद ठेकेदार ने पाइपलाइन भी पूरी नहीं बिछाई है। ग्रामीणों ने कहा कि इसकी शिकायत हमने कई बार पीएचईडी के अफसरों से की, लेकिन पर कोई पहल नहीं की गई। लोगों ने नल जल योजना का काम शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।

डेढ़ साल पहले पीएचईडी ने कराया था बोरिंग, ठेकेदार ने 100 में सिर्फ 25 घरों में ही दिया है कनेक्शन

ग्रामीणों ने कहा-समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन

भवानीपुर पंचायत के वार्ड दो के ग्रामीणों ने कहा कि डेढ़ साल से हम शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। जिनके पास पैसा है वे डिब्बा या बोतल बंद पानी खरीदकर पीते हैं। लेकिन गरीब और असहाय लोग चापाकल का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इस भीषण गर्मी में हम पानी के लिए भटक रहे हैं और जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं होगा तो हम आंदोलन करेंगे। बताया कि एसडीओ व पंचायती राज विभाग को पत्राचार कर इस मामले से अवगत करा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।