नवगछिया (नारायणपुर प्रखंड): प्रखंड क्षेत्र के नरकटिया जमींदारी बांध पर एक बार फिर गंगा नदी का कटाव तेज़ी से बढ़ने लगा है। कटाव के कारण आसपास के गांवों में भय और चिंता का माहौल व्याप्त है। हालांकि फिलहाल गंगा के जलस्तर में कुछ कमी आई है, जिससे बांध पर दबाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन धारा का तेज़ बहाव और दिशा परिवर्तन अब भी बांध की मजबूती पर प्रश्नचिह्न बना हुआ है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कटाव से गांव और खेत खतरे में
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से गंगा की मुख्य धारा लगातार बांध की ओर खिसक रही है, जिससे खेतों के बह जाने और फसलों को नुकसान होने की आशंका गहराती जा रही है। कई जगहों पर मिट्टी खिसकने के कारण बांध की ऊपरी परत कमजोर होती जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि के समय भी मिट्टी गिरने की आवाज़ें सुनी जा सकती हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग कर रहा है राहत कार्य
बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से मिट्टी भराई, बालू थैला डालने और कटावरोधी कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। स्थानीय कर्मियों की टीम दिन-रात बांध पर निगरानी और मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। फिर भी, गंगा की धारा का दबाव इतना अधिक है कि स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात और बाढ़ के मौसम में यही स्थिति दोहराई जाती है। हर साल अस्थायी मरम्मत की जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। गांव के लोगों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि पक्के तटबंध और स्थायी संरचना बनाकर इस समस्या से राहत दी जाए।
प्रशासन सतर्क
स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर आपदा प्रबंधन टीम और अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए जाएंगे।
