नवगछिया । इस्माईलपुर प्रखण्ड में सड़क, पुल, पुलिया निर्माण में फैले भ्रष्टाचार और गड्ढे में तब्दील सड़क की दुर्दशा को लेकर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल अपने स्थानीय ग्रामीणों के साथ अनुमंडल मुख्यालय परिसर में गुरुवार को दूसरे दिन भी धरना पर बैठे रहे। दूसरे दिन ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार आर्या अपने सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर जिला परिषद सदस्य एवं स्थानीय लोगों के साथ धरना खत्म करने की बात कही। ग्रामीणों द्वारा कहा गया कि जब तक कार्य शुरू नहीं होता है। तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस मौके पर बताया गया कि यहां पर लगभग डेढ़ दर्जन सड़कें हैं जिसमें अभी आधे दर्जन से अधिक सड़कों पर मरम्मत कार्य के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने बताया कि यहां पर काफी प्रयास के बाद सड़क बनवाने में सफल हो पाए हैं, लेकिन रखरखाव के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ग्रामीण कार्य विभाग एवं संवेदक द्वारा की गयी। जिस कारण धरना पर बैठना पड़ा। पिछले दो-तीन वर्षों में बाढ़ आने के बाद भी कई सड़कों की स्थिति जर्जर होने पर भी उसकी मरम्मत नहीं हो पायी है।
धरनास्थल पर भाजपा नेता सह पूर्व सांसद अनिल यादव, एमएलसी डॉ एनके यादव पहुंचे, जहां पर उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों से बात कर तत्काल कार्य शुरू कराने की मांग की। एमएलसी ने कहा कि जिला परिषद सदस्य की मांग जायज है। इस पर तत्काल विभाग निर्णय ले। ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार आर्या ने बताया कि दो तीन सड़कों पर तत्काल कार्य प्रारंभ करने का निर्देश संवेदक को दिया गया है। कल से काम शुरू हो जाएगा। कुछ जगहों पर सामग्री गिराने का कार्य शुरू हो गया है।

कार्य शुरू होने वाले सड़कों की सूची :
1.लक्ष्मीपुर धार से इस्माईलपुर तक बाढ़ के समय में जर्जर होने के कारण इस पर कार्य होना है।
2.बसगढ़ा परबत्ता से जट गोविंद 15 किलोमीटर सड़क इस पर भी मेंटेनेंस कार्य शुक्रवार से शुरू होगा।
3.डिमहा से जफरू दास टोला डेढ़ किलोमीटर सड़क जर्जर है।
4.छोटू सिंह टोला से इस्माईलपुर 3 किलोमीटर सड़क की स्थिति काफी दयनीय है।
5 नारायणपुर से नेवा दास टोला से चंडी स्थान केलाबारी तक
6 लक्ष्मीपुर से इस्माईलपुर प्रखंड मुख्यालय एवं इस्माईलपुर प्रखंड मुख्यालय से नारायणपुर सड़क जर्जर रहने के कारण चलना मुश्किल है।
फोटो: धरनास्थल पर कार्यपालक अभियंता द्वारा कार्य शुरू करने का आश्वासन देते।
