समस्याओं की निदान के लिए मंगलवार को नवगछिया में डीलर संघ की अनुमंडलस्तरीय बैठक हुई। डीलरों ने कहा कि व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण हर बोरे में अनाज कम रहता है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक सरकार उनकी आठ सूत्री मांगों पर विचार नहीं करेगी तब तक वे पॉश मशीन से अनाज का वितरण नहीं करेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इसमें कई तरह की तकनीकी समस्याएं हैं। एक घंटे की ट्रेनिंग में वे इस मशीन का उपयोग करने के लिए अभ्यस्त नहीं पाये हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अंगूठे का मिलान नहीं होने, सर्वर स्लो रहने और आधार कार्ड पर नामों में गड़बड़ी रहने की भी समस्याएं आ रही हैं। जब मशीन से अनाज का वितरण होगा तो पहले से कम दिए गए अनाज को कहां दिखायेंगे। डीलरों ने कहा कि गरीबों को उसके हक का अनाज देने में उन्हें किसी प्रकार का गुरेज नहीं है। लेकिन उन्हें सही वजन से अनाज मिलना चाहिए। बैठक में सुरक्षा और दस लाख बीमा का लाभ देने की मांग उठाई गई।


डीलरों ने कहा कि टास्क फोर्स की बैठक में राज्य संगठन को बुलाया जाए, केरोसिन पर कम से कम तीन रुपए प्रति लीटर कमीशन मिले। पीडीएस के माध्यम सेर चीनी का भी वितरण कराया जाय। बैठक में जिलाध्यक्ष गोपाल प्रसाद यादव, जिला महामंत्री चंदन कुमार, शशिधर प्रसाद सिंह, अनिल कुमार पासवान, फिरोज आलम, विनोद भगत, गोपाल मंडल, स्मृति चौधरी, राजेश कुमार, हरिकिशोर चौरसिया, ज्ञानसक कुमार, सुशील यादव, अरविंद चौधरी आदि मौजूद थे।
दिल्ली में 200 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन, बिहार में मिलता है सिर्फ 70 रुपए
बैठक में डीलरों ने कहा कि दिल्ली सरकार अनाज के वितरण पर डीलरों को 200 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन देती है। लेकिन बिहार सरकार अब भी मजह 70 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन दे रही है। डीलरों ने अपने आठ सूत्री मांगों को रखते हुए कहा कि जविप्र के विक्रेताओं को तीस हजार रुपए मानदेय और प्रति क्विंटल 300 रुपए की दर से भुगतान होना चाहिए। त्योहारों में और साप्ताहिक छुट्टी का लाभ भी डीलरों को मिलना चाहिए। पूर्व की भांति अनुकंपा के आधार पर डीलर बनाया जाना चाहिए। निलंबन की प्रक्रिया पूर्व की भांति होनी चाहिए।
