नवगछिया । बाल भारती विद्यालय में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन बुधवार को वृंदावन से आए भागवत किंकर अनुराग कृष्ण शास्त्री उर्फ श्री कन्हैया जी ने भागवत कथा में रासलीला, श्री कृष्ण मथुरा गमन, गोपी उद्धव संवाद व रुक्मिणी मंगल वर्णन किया। उन्होंन कहा कि बड़े-बुजुर्ग, सास, ससुर व पति की सेवा करना ही नारी का धर्म है। जो बिना कुछ चाहे सिर्फ प्रीतम का सुख चाहे उसका नाम प्रेम है। धर्म की शिक्षा जगत में बहुत अनिवार्य आवश्यकता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कल्याण करने के लिए असली धर्म ही शिक्षा है। धर्म की शिक्षा आपके अंदर और बाहर दोनों का कल्याण करती है। उन्होंने पर्यावरण पर जोर देते हुए कहा की हमें अपने जन्मदिन, विवाह-शादी की सालगिरह पर दो पौधे अवश्य लगाने चाहिए। इसके लिए आपके शहर नवगछिया की सेवा संस्थान भी लोगों को जागरूक करती रहती है।

मौके पर श्री श्याम भक्त मंडल की तरफ से भागलपुरी सिल्क चादर व बुके देकर अनुराग कृष्ण शास्त्री का सम्मान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में अमित अग्रवाल, मुकेश चिरानिया, रितेश मांवडिया, अशोक केडिया, आदित्य सरार्फ, अमन सरार्फ, श्री धर शर्मा, विक्रम शर्मा, विश्वास शर्मा, राकेश चिरानिया, नीरज केजरीवाल, केशव सरार्फ, अमित चिरानिया, विशाल चिरानिया, मुरारी चिरानिया, बिकाश चिरानिया, मानस पंसारी, वरुण केजरीवाल, शैला चिरानिया, रुचि सर्राफ, प्रिती चिरानिया, ममता मावडिया, सुचिता अग्रवाल आदि लगे हुए हैं।

