नवगछिया| रंगरा चौक प्रखंड के तीनटंगा दक्षिणी उसरहिया मध्य विद्यालय में पिछले चार दिनों से 1100 लोग बाढ़ के पानी में फंसे हैं। चारो तरफ तीन किलोमीटर तक पानी ही पानी है। इन लोगों के पास न तो खाने की सामग्री है और न ही पेयजल की व्यवस्था है। भूखे रहने या कम भोजन मिलने से कई बीमार भी हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ बच्चों की स्थिति काफी नाजुक है। पीड़ित अनुरोध ठाकुर, सियाराम ठाकुर ने बताया कि उनलोगों की एक भी बात नहीं सुनी जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रशासनिक पदाधिकारियों को सूचना के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया है। यहां से तीन किलोमीटर दूर सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की गयी है। नाव से तीन किलोमीटर दूर कुछ लोग खाने जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग खासकर महिलाएं और बच्चों का हाल खराब है। पीड़ितों की सूचना पर बुधवार को भाजपा के जिलाध्यक्ष पहुंचे और पीड़ितों की समस्या से अवगत हुए। मौके से ही सीओ रंगरा और जिलाधिकारी को पीड़ितों के लिए सामुदायिक रसोई का इंतजाम करने और मेडिकल कैंप लगाने की मांग की है।


भोजन कम पड़ने पर पीड़ितों ने शिविर में किया हंगामा, भागे पदाधिकारी व कर्मी
नवगछिया| खगड़ा गांव में चल रहे बाढ़ राहत शिविर में बुधवार की रात में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाया गया भोजन घटने पर हंगामा शुरू कर दिया। बचे लोगों को भोजन कराने के लिए ना ही चावला था और ना ही बनाने के लिए गैस सिलेंडर था। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अमोद कुमार साहू ने बताया कि शिविर में रात में लगभग 500 लोगों खाना खाया।
भोजन खत्म होने के कारण बाढ़ पीड़ितों ने हंगामा किया। शिविर से ड्यूटी पर लगाए गए पदाधिकारी और अन्य कर्मी भाग गए। लगभग दो बाढ़ पीड़ित थे जिसे शिविर से भूखे वापस लौटना पड़ा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि जब तक वह वहां पर थे उस समय पीड़ित भोजन कर रहे थे।
