नवगछिया : एनएच 31 से डेढ़ किमी उत्तर चारों तरफ से खेत बहियार के बीच बसे प्रखंड के ढोडिया-दादपुर पंचायत के बैरियाराही पासवान टोला के लोगों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोकसभा चुनाव में वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में महिला-पुरुष वार्ड सदस्य मनोज कुमार के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाकर अपनी आवाज बुलंद की। इसके बाद प्रखंड वार्ड महासंघ के उपाध्यक्ष सज्जन भारद्वाज गांव पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों की मांगों को जायज बताया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साथ ही हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। वार्ड सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि गांव की आबादी 2000 से अधिक है। गांव में 800 से अधिक मतदाता हैं। मगर वर्षों से यह गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है।लोगों को मतदान करने के लिए भी चार किमी पैदल चलकर ढोडिया प्राथमिक विद्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने भी कहा कि दूरी होने के कारण महिला व बुजुर्ग वोटरों को परेशानी होती है। इतनी परेशानी के बाद हम मतदान केंद्र पर पहुंचते हैं तो वहां दबंगों के अनुसार मतदान करना पड़ता है। इसको लेकर हमलोगों ने कई बार सक्षम अधिकारियों को आवेदन भी दिये। मगर अब तक कोई पहल नहीं की गई।

मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ निकाली भड़ास, किया प्रदर्शन
खरीक के बैरियाराही गांव में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते महादलित परिवार।
महिलाएं बोलीं, 34 साल से आश्वासन का मरहम लगा रहे हैं स्थानीय जनप्रतिनिधि
सुविधाओं से वंचित गांव की महिलाओं का कहना है कि कटाव के बाद हम यहां 1985 से आशियाना डाल कर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। अब तक पहल तो दूर कोई अफसर झांकने तक भी गांव नहीं आए। चुनाव के समय नेता एकाध बार गांव आते हैं और आश्वासन की घूंटी पिलाकर चले जाते हैं। सरकार शहर से लेकर गांव-कस्बे व टोले तक हर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का डंका पीट रही है। इसलिए हमलोग इस बार सामूहिक रूप से वोट का बहिष्कार करेंगे। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी हम मतदान नहीं करेंगे। मौके पर कौशल किशोर पासवान, विकास पासवान, प्रशांत राज, पवन पासवान, राजेश पासवान, शीला देवी, रतनमाला देवी, जुली कुमारी, शैलेन्द्र पासवान, गिरजानंद पासवान, संजीव पासवान
