नवगछिया। नवगछिया आरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज यादव की सीबीआई द्वारा घूस लेते गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। रेल विभाग के सूत्रों के अनुसार, नवगछिया से लेकर सेमापुर स्टेशन के बीच लगभग 600 एकड़ रेलवे भूमि है, जिस पर लंबे समय से अलग-अलग प्रकार के कार्य और अवैध खेती की जा रही थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में पहली बार सीधी कार्रवाई हुई है। एक किसान ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि आरपीएफ इंस्पेक्टर उससे 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के आधार पर सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को इंस्पेक्टर मनोज यादव को 15 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
रेल इंजीनियरिंग विभाग के सूत्रों ने बताया कि करीब 400 एकड़ जमीन कुरसेला स्टेशन के पास, जबकि सेमापुर-काढ़ागोला स्टेशन के बीच लगभग 15 से 20 एकड़ जमीन है। किसान द्वारा की गई शिकायत भी इसी जमीन से संबंधित थी, जिसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई की।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रेलवे की अधिकांश भूमि पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। रेल प्रशासन की ओर से किसी को भी जमीन आवंटित नहीं की गई है। आरपीएफ की भूमिका इन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की रहती है, लेकिन अब घूसकांड में फंसे इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद विभाग के भीतर भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों की जांच तेज हो गई है।
