जिले के तीन ब्लॉक में इस बार सरकारी लापरवाही की बाढ़ आएगी। नवगछिया, गोपालपुर और इस्माइलपुर में सुरक्षा के लिए जाह्नवी चौक से इस्माइलपुर के बीच 10.50 किलोमीटर लंबा बांध 2018 से पूरा नहीं हो पा रहा। जिस ठेका एजेंसी श्रीराम इंटरप्राइजेज को इसे बनाने का जिम्मा सौंपा, मार्च 2021 तक इसे पूरा करने का समय दिया, तीन माह बाद भी एजेंसी बांध का आधा काम भी नहीं कर सकी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अब लगातार बारिश हो रही है। गंगा का जलस्तर रोज बढ़ रहा है। अब एजेंसी मिट्टी डाल रही है और यह भी बारिश में बह रही है। इतना ही नहीं, एजेंसी ने 3 सुलइस गेट ही नहीं बनाए। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ते ही तीनों ब्लॉक की 4 लाख आबादी प्रभावित होगी। 40 हजार एकड़ जमीन डूबेेगी। हालांकि अब जल संसाधन विभाग की फ्लड फाइटिंग टीम ने बांध और जमीन को बचाने के लिए काम शुरू कर दिया है। बारिश के मौसम में इस काम को शुरू करने से करोड़ों रुपए का बंदरबांट होगा।
24 घंटे में बढ़ा 0.16 मी. पानी
गंगा 24 घंटे में 0.16 मीटर बढ़ गई। यह खतरे के निशान से सिर्फ 2.09 मीटर नीचे है। बुधवार को जलस्तर 31.59 मीटर हो गया, मंगलवार तक यह 31.43 मीटर था। लगातार हो रही बारिश से 12 ब्लॉक के निचले हिस्से में बाढ़ का खतरा मंडराने लगेगा।


3 माह पहले ही होना था पूरा, पानी बढ़ा तो संकट तय
श्रीराम इंटरप्राइजेज को 28.45 करोड़ से जह्नावी चाैक से इस्माइलपुर के बीच बांध बनाने का काम फरवरी 2018 में मिला। 31 मार्च तक इसे पूरा करना था। लेकिन अब तक आधा काम भी नहीं हुआ। अब बारिश हाे रही है ताे बांध पर मिट्टी डाल रहे हैं। लेकिन यह भी बारिश में बह रही है। बांध बनाने में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि एस्टीमेट के अनुसार मिट्टी जगह बालू डाली जा रही है। इसे काम्पेक्ट नहीं किया गया। इतना ही नहीं, बांध में 3 जगहाें पर सुलइस गेट भी नहीं बनाए। ऐसे में गोला कर उसे बंद नहीं किया जा सकेगा और नदी में पानी बढ़ते ही क्षेत्र में बाढ़ लाएगा।
नवगछिया, गाेपालपुर व इस्माइलपुर में होगा नुकसान
इस्माइलपुर समेत दियारा की 40 हजार एकड़ जमीन डूबने का खतरा बढ़ रहा है। नवगछिया, गोपालपुर और इस्माइलपुर के निचले हिस्से में पानी घुसेगा। इलाके में लगी फसल बर्बाद हाेगी। बांधे न बनने से नवगछिया के 3 प्रखंड की 4 लाख आबादी और 40 हजार एकड़ जमीन प्रभावित होगी। इधर, निर्माण की गुणवत्ता में गड़बड़ी पर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने डीएम सुब्रत कुमार सेन काे अावेदन दे जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, ठेकेदार-अफसरों की मिलीभगत से गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराएं।
