नवगछिया : गांव तेलघी, तुलसीपुर और अठगामा एपीएचसी नर्सों के भरोसे चल रहे

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खरीक : सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्था दुरुस्त नहीं रहने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डाक्टरों से लेकर कर्मियों की कमी है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को विवश होकर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। बिहपुर के भाजपा विधायक ई. कुमार शैलेन्द्र के पैतृक गांव तेलघी में संचालित एपीएचसी में प्रभारी के रूप आयुष चिकित्सक डॉ. सुरेश प्रसाद शर्मा तैनात थे। बीते वर्ष 31 दिसंबर को वे सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद एपीएचसी का संचालन नर्स के भरोसे हो रहा है।

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सवाल यह है कि जब माननीय के गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का यह हाल है तो जगहों का क्या होगा, इसे बखूबी समझा जा सकता है। वहीं, अठगामा एपीएचसी प्रभारी आयुष चिकित्सक डॉ. संत कुमार निराला और तुलसीपुर एपीएचसी प्रभारी डॉ. सरिता कुमारी का करीब दो माह पूर्व सेवा स्थायी होने के बाद दोनों का तबादला दूसरे जिलों में हो गया। इसके बाद से दोनों एपीएचसी एएनएम के भरोसे ही चल रहा है। वहीं खरीक पीएचसी में 12 साल पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी रानी तैनात थीं। उनका तबादला होने के बाद आज तक यहां महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई है। इसकी वजह से महिला मरीजों को काफी परेशानी होती है। इस स्थिति में महिलाएं जिस रफ्तार से इलाज कराने पीएचसी से आती हैं, उसी रफ्तार से लौट जाती हैं।

पीएचसी में चार की जगह दो ही डॉक्टर की तैनाती खरीक पीएचसी में एमबीबीएस डॉक्टर के चार पद सृजित हैं। लेकिन दो ही डॉक्टर तैनात हैं। इसमें भी डॉ. सुजीत कुमार लोगों की इलाज के साथ प्रभारी की भी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। दूसरे डॉ. मनीष कुमार हैं। दोनों डाक्टरों के कंधे पर प्रखंड के डेढ़ लाख से अधिक लोगों के इलाज की जिम्मेदारी है। इस स्थिति में आयुष डाक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। पीएचसी में तैनात दोनों डॉक्टर लगातार ड्यूटी से परेशान हैं और खुद को अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब डॉक्टर ही खुद को अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो वह मरीजों का इलाज कैसे करेंगे। नियमानुसार एक डाक्टरों को आठ घंटे ड्यूटी करने का प्रावधान है। अधिक ड्यूटी से डॉक्टर परेशान हैं।

जिला मुख्यालय से डॉक्टरों की मांग की गई है पीएचसी में वर्तमान में दो ही डॉक्टर तैनात हैं। जिला मुख्यालय से डाक्टरों की मांग की गई है। जल्द से जल्द पीएचसी में डाक्टरों की तैनाती सुनिश्चित हो, इसके लिए लगातार प्रयास जारी है। डॉ. सुजीत कुमार, प्रभारी, खरीक पीएचसी सुविधाओं के लिए सीएस से बात करूंगा डॉक्टरों की कमी बड़ी समस्या है। लोकसभा चुनाव को लेकर लागू आदर्श आचार खत्म होने के बाद इस संबंध में सिविल सर्जन से मुलाकात करूंगा और डाक्टरों की कमी समेत अन्य समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा।

ईं. कुमार शैलेंद्र, विधायक, बिहपुर