खरीक : बिहपुर और खरीक में कोसी नदी का कटाव शुक्रवार को भी जारी रहा। लेकिन, कटाव प्रभावित लोगों को अब तक एक अदद सरकारी नाव भी मयस्सर नहीं हुआ है। इस कारण दोनों प्रखंडों के प्रभावित गांवों की बड़ी आबादी अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गई है। कोसी के पानी से बिहपुर के हरियो, कहारपुर, गो¨वदपुर, बड़ीखाल, आहुति, खरीक के लोकमानपुर, सिंहकुंड, बालू टोला भवनपुरा, रतनपुरा, मैरचा टापू में तब्दील हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अबतक दर्जनों घर और सैकड़ों एकड़ जमीन कोसी में विलीन हो चुकी है। जबकि दर्जनों घर कटाव के मुहाने पर हैं। भवनपुरा पंचायत में दो बिजली पोल कटाव की जद में आ गया है, जिससे 13 टोला की बीस हजार आबादी पर बिजली से वंचित होने का संकट मंडराने लगा है। बिहपुर सीओ रतन लाल ने बताया कि कटाव से हुई तबाही का जायजा लेने के लिए शनिवार को राजस्व कर्मचारी को भेजा जाएगा, जिसकी रिपोर्ट वरीय अधिकारी को भेजी जाएगी। शनिवार से प्रभावित गांवों में सरकारी नाव चलने लगेगी।

इस्माइलपुर से बिंदटोली के बीच स्परों का लिया जायजा
नवगछिया : गंगा नदी से सटे इस्माइलपुर से बिंदटोली के बीच सभी स्परों का निरीक्षण शुक्रवार को फ्लड फाइटिंग फोर्स के अध्यक्ष ई. उमाशंकर सिंह, मुख्य अभियंता शशिधर पांडे, अधीक्षण अभियंता महेन्द्र प्रसाद आदि ने किया। इंजीनियर उमाशंकर सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। कहीं भी कटाव जैसी कोई बात नहीं है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने की रफ्तार में कमी दर्ज हो रही है, फिर भी सतत निगरानी बनाए रखने का निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिया गया है।
