नवगछिया : खतरे के निशान से 112 सेंटीमीटर ऊपर इस्माइलपुर -बिंद टोली.. गंगा नदी बह रही

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नवगछिया। नवगछिया में गंगा हुई शांत तो कोसी ‘मेहमानÓ बनकर आ गई है। परिषद क्षेत्र के कई वार्डों में कोसी के बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसे में लोग घर खाली कर बांध पर शरण ले रहे हैं। रविवार को बाजार में बाढ़ का पानी घुसने के कारण अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके बावजूद राहत और बचाव कार्य नदारद है। पीडि़तों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

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कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण नवगछिया नगर परिषद के कई वार्डों में बाढ़ का पानी घुस आया है। नवगछिया के मनियामोड़ वार्ड 6 और वार्ड 5 राजेंद्र कालोनी में कोसी के बाढ़ का पानी आ जाने से कई लोगों को घर छोडऩा पड़ा है। नवगछिया स्टेशन के सामने खरनयी नदी में भी बाढ़ का पानी भर जाने के बाद पानी कालोनी के घरों में घुसने लगा है। पुनामा प्रताप नगर, पंचेतनके, सकुचा, झरकहवा में कोसी नदी का पानी भर आया है।

नवगछिया सीओ को तीन दिनों से कह रहे हंै, लेकिन वह देखने नहीं नहीं आ रहे हैं। वार्ड 7 और वार्ड 8 पूरी तरह जलमग्न है लोगों को काफी परेशानी हो रही है। पार्षद मो. सलाउद्दीन ने कहा कि दो दिनों से सीओ फोन नहीं उठा रहे हैं। मैंने डीएम से बात की तो तत्काल कर्मचारी आकर लिस्ट बनाने को बोला। उजानि में बाढ़ की स्थिति काफी खराब है वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शाहजहां ने कहा कि घरों में पानी है लोग भूखे-प्यासे हैं।

खतरे के निशान से 112 सेंटीमीटर ऊपर इस्माइलपुर -बिंद टोली में गंगा नदी बह रही

पिछले तीन दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में भारी कमी होने के बावजूद इस्माइलपुर-ङ्क्षबद टोली में गंगा नदी रविवार की शाम खतरे के निशान से 112 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जल संसाधन विभाग द्वारा तटबंध को आने वाले समय में सुरक्षित रखने हेतु भारी संख्या में बालू भरी बोरियों का भंडारण तटबंध के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है।

स्पर संख्या दो व तीन के बीच डिमाहा गांव के निकट ध्वस्त हुए तटबंध के दोनों छोर (कटाव स्थल पर को) बांस -बल्ला गाड़कर बालू भरी बोरियों से सील करने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि गंगा नदी के जलस्तर में कमी होने से लोगों को राहत मिली है, परन्तु अभी भी लोग तटबंध पर खानाबदोश की तरह रहने को विवश हैं। पशुपालकों के समक्ष पशुचारे का संकट हो गया है।

आपदा प्रबंधन के तहत स्पर संख्या चार, तीन व डिमाहा गांव के निकट बाढ़ पीडि़त परिवारों को भोजन करवाया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को शाम को इस्माइलपुर -ङ्क्षबद टोली में गंगा नदी 32.72 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 31.60 मीटर है। इस वर्ष गंगा नदी में अपना पुराना रिकार्ड तोड़कर जलस्तर का नया रिकार्ड 33.50 मीटर बनाया है।

अभी भी बाढ़ पीडि़तों की समस्या नहीं हुई है कम

नवगछिया में बाढ़ पीडि़तों की समस्या एक पखवाड़े बाद भी कम नहीं हुई है। बाढ़ पीडि़तों के बीच जहां सरकार द्वारा समुदाय किचेन चलाया जा रहा है, वहीं पर कई जगहों पर शुद्ध पेयजल से लेकर के शौचालय तक का अभाव है।