कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट है और आवश्यकतानुसार हर जरूरी फैसले भी ले रही हैं। पूरे प्रदेश में लाॅकडाउन लगा हुआ है। बावजूद इसके खरीक में टेंपो चालक खुलेआम लाॅकडाउन की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वाहनों पर टेंपो चालक क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर बेखौफ आवागमन कर रहे हैं। जबकि, सरकार ने वाहनों की क्षमता से आधे यात्रियों को बैठाकर वाहन चलाने की अनुमति दी है। किन्तु, इस नियम के साथ चालकों द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस स्थिति में अगर वाहन में एक भी कोविड संक्रमित यात्री सवार होंगे तो निश्चित रूप से सभी लोग इस घातक महामारी के चपेट में आ सकते हैं। इतना ही नहीं, वाहन चालकों की मनमानी और दबंगई भी दिखी। मनमानी यह कि यात्रियों से दोगुना भाड़ा वसूल रहे हैं। यात्रियों से खरीक से तेतरी-जीरोमाइल का 20 रुपए तो नवगछिया का 25 रुपए भाड़ा लिया जा रहा है।


जबकि, तेतरी का 10 और नवगछिया का भाड़ा 15 रुपए है। इसी तरह बिहपुर, नारायणपुर समेत अन्य जगहों के लिए भी दोगुना भाड़ा लिया जा रहा है। नियमित रूप से यात्रा करने वाले कुछ यात्रियों ने यह भी बताया कि शाम में तो तेतरी से खरीक आने का ही 25 रुपए देना पड़ता है। लेकिन टेंपो चालकों को कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को इस पर रोक लगाना चाहिए।
