खरीक के सिंहकुंड में कटाव जारी है। शुक्रवार को भी सिंहकुंड में भीषण कटाव से कई किसानों की उपजाऊ जमीन कोसी में विलीन हो गया। वहीं अब तक यहां 19 लोगों के घर कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं। पीड़ित परिवार प्लास्टिक के तंबू में भूखे-प्यास दिन काटने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से इन पीड़ित परिवारों को अब तक राहत सामग्री मुहैया नहीं कराई गई है। इससे लोगों में आक्रोश है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीड़ित परिवार दाने-दाने को मोहताज हैं। राहत देने वालों के दीदार के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। किन्तु किसी का दीदार तक नहीं हो पा रहा है।वहीं बच्चे भी भूख से बिलख रहे हैं। सब कुछ कोसी में समाने की चिंता से आहत भूखी मां की छाती भी सूख गया है।


ऐसे में वो अपने बच्चे को दूध का भी निवाला कैसे कराए। ग्रामीण सुनील सौरभ ने बताया कि कटाव तो अभी गांव के बाहर हो रहा है। उसकी गति थोड़ी धीमी है। वैसे ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीओ के निर्देशानुसार टपुआ दियारा में आबादी के पास गंगा किनारे बालू भरे बोरा देकर कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है जो कारगर साबित नहीं हो रहा है।
