नवगछिया : स्कूलों में संचालित होने वाली एमडीएम रसोई घर हादसे को निमंत्रण दे रहा है। यहां की फायर सेफ्टी भगवान भरोसे है। शुक्रवार को रंगरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय नासी टोला मदरौनी में सिलेंडर फटने से दो शिक्षक सहित रसोईया घायल हो गए। जिससे बाद अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गयी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बताया गया कि जिले के 1755 स्कूलों में एमडीएम संचालित होता है। जिसमें से लगभग पांच सौ स्कूलों में एनजीओ की मदद से खाना पहुंचाया जा रहा है। दरअसल जिन स्कूलों में रसोई घर में खाना बनाया जाता है, वहां के रसोई घरों में फायर सेफ्टी से जुड़े कोई भी साधन नहीं है। इससे हादसे की आशंका बराबर बनी रहती है।
मध्याह्न भोजन योजना के तहत 2017-18 में अग्निशामक सिलेंडर दिया गया था। लेकिन फिर इसके रिफिलिंग को लेकर विभाग द्वारा कोई आदेश नहीं आने के कारण इसका डेट एक्सपायर हुआ। शिक्षकों ने बताया कि जिन स्कूलों में रसोईघर में खाना बनता है वहां पर वेंडर द्वारा कॉमर्शियल सिलेंडर स्कूल को उपलब्ध कराया जाता है। जिसकी राशि विभाग से स्कूल को उपलब्ध कराई जाती है।

इस संबंध में डीपीओ एमडीएम आनंद विजय की मानें तो शत प्रतिशत स्कूलों के रसोई घरों में गैस सिलेंडर पर ही खाना बनाया जाता है। 2017-18 में अग्निशमन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था। इसके विभागीय राशि नहीं आने के बाद उसे रिफिल नहीं कराया जा सका। इस मामले को लेकर मध्याह्न भोजन निदेशक से बात की जाएगी ताकि ऐसी घटना नहीं हो।
