नवगछिया : एक सप्ताह पहले प्रसव पीड़ित महिलाओं का ऑपरेशन शुरू.. ब्लड स्टोरेज यूनिट अब भी बंद

सूचना/खबरे

नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एक सप्ताह पहले प्रसव पीड़ित महिलाओं का ऑपरेशन शुरू किया गया है। लेकिन ब्लड स्टोरेज यूनिट अब भी बंद है। लगभग 11 साल से बंद पड़ा ब्लड स्टोरेज यूनिट की मशीनें धूल फांक रही हैं। इसके संचालन नहीं होने के कारण खून की जरूरत होने पर मरीजों को मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। कई मरीज तो समय से खून नहीं मिलने पर रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो टेक्नीशियन और प्रशिक्षित चिकित्सक के नहीं होने के कारण ब्लड स्टोरेज यूनिट बंद पड़ा है।

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 अस्पताल में सिजेरियन शुरू होने के बाद नवगछिया के बुद्धिजीवी और मरीजों में यह चर्चा का विषय है कि ऐसी स्थिति में ब्लड स्टोरेज यूनिट बंद रहने से असुविधा होगी। लोगों का कहना है कि नवगछिया में हर साल ब्लड डोनेट किया जाता है। मगर ब्लड स्टोरेज बंद रहने के कारण ब्लड को मायागंज अस्पताल भेज दिया जाता है। ब्लड स्टोरेज यूनिट 4 नवंबर में 2011 में खुला था। उस वक्त एक डॉक्टर और एक टेक्नीशियन यहां थे।

लेकिन दो माह बाद ही दोनोंका तबादला हो गया। इसके बाद से यह यूनिट बंद है। बता दें कि गंगा पार का यह इकलौता ऐसा अस्पताल है जहां सबसे अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इलाके में नेशनल हाईवे गुजरती है। यहां आए दिन सड़क हादसे होते हैं।

खून की कमी से घायल की जान को खतरा बना रहता है। पायल मरीजों को अस्पताल लाने के बाद उन्हें मायागंज रेफर कर दिया जाता है। इसके अलावा प्रसूताओं को भी खून की कमी होने के कारण रेफर किया जाता है।