नवगछिया । अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गई आशा कार्यकर्ता एवं फैसिलिटेटर का आंदोलन जारी है। मंगलवार को भी अपनी मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ता एवं फैसिलिटेटर पीएचसी के मुख्य द्वार को बंद कर धरना पर बैठ गयी। इस दौरान पीएचसी में भर्ती प्रसव पीड़िता दिलखुश कुमारी के परिजन पीएचसी पहुंचे तो आशा कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिसपर वे आक्रोशित हो गये और दोनों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉ मनीष कुमार ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कर प्रसव पीड़िता के परिजन सुलेखा देवी पीएचसी में प्रवेश कराया।
वहीं, प्रसव के लिए पीएचसी आई तुलसीपुर की गुलशन आरा को भी पीएचसी के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया। चिकित्सकों के हस्तक्षेप पर 15 मिनट बाद प्रवेश मिला। इस दौरान वह दर्द से कराहती रही। वहीं, आशा कार्यकर्ताओ के हड़ताल पर जाने के बाद पीएचसी में आने वाली प्रसव पीड़िता की संख्या में भारी गिरावट आई है।

इस संबंध में पूछने पर पीएचसी प्रभारी डॉ नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही है कि आशा कार्यकर्ता अफवाह फैला कर प्रसव पीड़िता को दिग्भ्रमित कर रही हैं। मैं प्रखंड वासियों से अपील करता हूं कि बेहिचक पीएचसी आएं। सभी सेवाएं पूर्ववत हैं। अगर मरीजों को आशा कार्यकर्ता द्वारा किसी भी तरह से परेशान किया जा रहा है तो वह लिखित शिकायत करें। हर हाल में संबंधित आशा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
