नवगछिया : श्रीपुर गांव में अलाव की चिंगारी से रविवार की देर रात लगी आग में जिंदा जले चारों बच्चों की 60 वर्षीय नानी करुणा देवी की भी मौत हो गई। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसका इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को दिन के करीब 3:30 बजे इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं झुलसे इलाजरत बच्चों के चाचा पारस सिंह की स्थिति में सुधार बताया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बच्चों की नानी खगड़िया के पसराहा थाना क्षेत्र के सतीश नगर की रहने वाली थी। वह काफी दिनों से अपने बेटी-दामाद के साथ ही रह रही थी। बच्चों की नानी और चाचा को घटना के बाद अनुमंडल अस्पताल से प्राथमिक इलाज के बाद रेफर किया गया था। रविवार की रात खाना खाने के बाद छतीश सिंह के 5 बेटों में 4 बेटे अपनी नानी के पास ही सोये थे।

आग लगने के बाद नानी बच्चों को लेकर बाहर निकलने की बहुत कोशिश की, लेकिन आग की तेज लपटों में वह खुद झुलस गई थी। एक बेटा अपनी मां के साथ सोया जो बच गया है। सोमवार को एसडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि घटना में मरे चारों बच्चों के आश्रितों को 4-4 लाख मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना में 11 लोगों के घर जले हैं। सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल 9 हजार 800 की राशि का भुगतान किया गया है। इसके अलावे पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री और कंबल भी दिए गए हैं।
जल गया सामान, अब कैसे होगी नीतू की शादी
आग लगने की घटना में विस्थापित विधवा मीरा देवी का सिर्फ घर ही जलकर राख नहीं हुआ। इस घटना में बेटी नीतू की शादी का सपना भी जल गया। बेटी की शादी जुटाया गया सभी सामान भी जलकर राख होगा। एक-एक रुपए जुगाड़ शादी करने के लिए जुटाई करीब 50 हजार की रकम भी जल गई। नीतू के चाचा शंभू ने बताया कि इस परिस्थिति में अब वह अपनी भतीजी की कैसे शादी करेंगे। पूरे परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट गया। इसकी चिंता सताए जा रही है।
शैलजा भारती
क्रांति कुमारी
पुष्पा भारती
