भवानीपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव निवासी जेल में बंद होमगार्ड जवान मनोज चौधरी के घर में सोमवार की रात असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। इस घटना में एक कमरा, उसमें रखी आम, शीशम की लकड़ी सहित सारा सामान जलकर राख हो गया। घर में धुआं फैलने से दूसरे कमरे में सो रहे होमगार्ड जवान के बेटों और पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि आंगन के दूसरे ओर स्थित कमरे में आग लगी है। शोर करने पर पड़ोसी पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। घटना की जानकारी पर सुबह 7 बजे वहां लोगों की भीड़ जुट गई। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने 14 नंबर सड़क को नवटोलिया पुराने मठ के पास बांस-बल्ला लगाकर जाम कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीण घटना को अंजाम देने वालों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना पर भवानीपुर थानाध्यक्ष रमेश कुमार साह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण डीएम और एसडीओ को बुलाने की मांग कर रहे थे। थानेदार ने इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद तीन घंटे बाद सुबह 10 बजे लोग माने और जाम खत्म हुआ। मामले को लेकर मनोज चौधरी की पत्नी रानी देवी ने अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस घटना की जांच कर रही है। जांच जल्द ही घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं सीओ अजय सरकार ने बताया कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।
जाम में स्कूली वाहन सहित दर्जनों गाड़ियां फंसी, समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पाए बच्चे
14 नंबर सड़क जाम होने के कारण करीब तीन किलोमीटर तक रोड के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे। इससे कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए तो कुछ स्कूलों के बच्चे देर से विद्यालय पहुंचे। वहीं सुबह का समय होने के कारण नवगछिया ऑफिस जाने वाले सरकारी कर्मी और व्यापारियों सहित आम यात्री भी जाम में फंसे रहे। भागलपुर जाने वाली दो बस सहित कुछ भारी वाहन भी इस जाम में फंस गए। कुछ यात्री टेंपो से उतरकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। तीन घंटे बाद जाम खत्म होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

मड़वा के इंजीनियर की मौत मामले में डेढ़ साल से जेल में बंद है होमगार्ड जवान
होमगार्ड मनोज चौधरी मड़वा के इंजीनियर आशुतोष पाठक की पुलिस की पिटाई से मौत मामले में पिछले डेढ़ साल से भागलपुर जेल में बंद है। पुलिस की जांच में मनोज चौधरी की भी इस मामले में संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पत्नी रानी देवी ने बताया कि पति के जेल जाने के बाद घर की आर्थिक हालत बेहद खराब है। दो पुत्र और दो पुत्री के साथ टूटे-फूटे मकान में हम किसी तरह रह रहे थे। पति नया घर बनाने की तैयारी में थे, लेकिन इसके पहले वे जेल चले गए। तब तक जेल चले गए।
