नवगछिया : नवगछिया शहर के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी शिव कुमार चिरनियां (68) की मौत कोरोना संक्रमण से हो गयी है. परिजनों का कहना है कि 27 अप्रैल को शिवकुमार चिरानिया का कोविड टेस्ट रैपिड एंटीजन किससे किया गया था. 29 अप्रैल की रात को एकाएक उनकी तबीयत खराब हो गई. उनके पुत्र चेतन कुमार चिरानिया ने बताया कि रात में उनका ऑक्सीजन लेवल 55 हो गया था. वे अपने परिजनों के साथ तुरंत नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से एंबुलेंस की मांग की. 1 घंटे 15 मिनट तक अनुनय विनय करने के बाद भी उन लोगों को एंबुलेंस नहीं दिया गया. इसके बाद जब वे लोग मायूस होकर घर आए तो कुछ देर बाद ही उनके पिता की मृत्यु हो गई थी.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जीते जी वे अपने पिता का इलाज नहीं करवा पाए इसका तो उन्हें मलाल था ही जब सुबह हुई तो दाह संस्कार में भी उनलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. वे लोग अस्पताल एंबुलेंस मांगने गए तो फिर सुबह में भी एंबुलेंस नहीं दिया गया और पीपी किट भी नहीं दिया गया. फिर जाकर कुछ बड़े लोगों को कहने पर अस्पताल से 4 की टिकट का व्यवस्था किया गया. इसके बाद उन लोगों ने बड़ी मुश्किल से अपने पिता का दाह संस्कार किया. व्यवसायी शिवकुमार चिरानिया की मौत के

बाद उनके परिजन गहरे सदमे में हैं.
गनीमत है कि सबों का कोविड-19 आया है. मृतक के पुत्र चेतन कुमार चिरानिया ने कहा कि उनके साथ तो जो होना था वह हो गया इस बात का जिंदगी भर उन्हें मलाल रहेगा लेकिन और लोगों के साथ ऐसा ना हो इसके लिए प्रशासनिक पदाधिकारी ठोस कार्रवाई करें. मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारियों का निर्देश है कि जिन किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल 92 से नीचे है उन्हें तत्काल सदर अस्पताल भेजने की व्यवस्था अनुमंडल अस्पताल से किया जाएगा. लेकिन वर्तमान में इस तरह की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण नवगछिया शहर के एक प्रतिष्ठित व्यवसाई की असामयिक मौत हो गई.
कहते हैं स्वास्थ्य प्रबंधक
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक राजू प्रधान ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई थी. वे पत्रकारों के माध्यम से ही इस बात से अवगत हो रहे. आए दिन किसी के साथ ऐसा नहीं हो इसके लिए वे एक मोबाइल नंबर 8825238370 जारी कर रहे हैं. जिन लोगों का ऑक्सीजन लेवल नीचे आ जाए वह इस नंबर पर संपर्क करें उन्हें सदर अस्पताल भेजने की व्यवस्था निश्चित रूप से कर दी जाएगी.
