बिहार पुलिस का एक और दागदार चेहरा सामने आने से हड़कंप मच गया है। मधेपुरा जिले के चौसा के थानेदार धनेश्वर मंडल पर एक महिला ने केस दर्ज करने के बदले गंदी डिमांड का आरोप लगाया है, इसका अॉडियो वायरल हो रहा है। महिला ने कहा है कि जब वो केस दर्ज कराने पहुंची तो थानाध्यक्ष ने उससे कुछ और ही मांगना शुरू कर दिया। उसने महिला को अंधेरे में चलने को कहा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बता दें कि दारोगा धनेश्वर मंडल को चौसा का थानेदार बने अभी दो महीने ही हुए हैं। इतने कम दिनों में ही उनके कारनामे ने चौसा पुलिस की छवि को दागदार कर दिया है। बता दें कि इससे पहले चौसा थाने में पदस्थापित जमादार गोपीन्द्र सिंह पर भी टाइम पास करने के लिए चंद्रभूषण यादव से लड़की की मांग करने की बात सामने आई थी जिसके बाद हंगामा मच गया था।


चौसा की एक पीड़िता ने एक दैनिक अखबार को थानेदार धनेश्वर मंडल और उसके बीच हुई दो दर्जन से अधिक बार के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड उपलब्ध कराया है। साथ ही उदाकिशुनगंज कोर्ट के नोटरी पब्लिक से शपथ-पत्र बनवाकर दावा किया है कि कॉल रिकॉर्ड से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। ऐसा कुछ होता है तो इसका जिम्मेवार खुद होगी।
महिला का कहना है कि पति पर कानूनी कार्रवाई कराने की इच्छा में वह थानेदार मंडल की गंदी बातें अबतक सुनती रही। लेकिन थानेदार ने उसका काम अबतक नहीं किया। कॉल रिकार्ड में इतनी गंदी-गंदी बातें है, जिसे लिखना तो दूर, सुनना भी सहज नहीं लग रहा है।

मामला ये है कि पीड़ित महिला ने एक युवक से इंटरकास्ट मैरिज की थी, जिसने शादी के दो साल बाद ही उसे छोड़कर भाग गया। इसके बाद महिला अपने पति के खिलाफ केस दर्ज करवाना चाह रही थी और थानेदार के पास अपनी अर्जी लेकर पहुंची थी।
थानेदार उक्त महिला को कभी अंधेरे में चार बजे सुबह तो कभी शाम को थाना पर बुलाते थे। यहां तक की उसे कुछ दिनों के लिए अपने कमरे में भी रहने का ऑफर दिया था। महिला जब मजाक में कहती है कि ऐसा करने से थाने में बवाल हो जाएगा, तो थानेदार कहते हैं कुछ नहीं होगा।
इस बात की भनक लगते ही महिला छुप-छुपकर रह रही है। चर्चा है कि गुरुवार को एक चौकीदार और स्थानीय नेता भी महिला को खोज रहे थे। इस बीच चर्चा है कि उक्त महिला के एक जान-पहचान के व्यक्ति पर भी रात में मामले को मैनेज करने के लिए दबाव डाला गया।

थानेदार का आरोप-फ्रॉड है महिला
थानेदार धनेश्वर मंडल ने कहा कि ये महिला फ्रॉड है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल के समय में ही इसने आवेदन दिया था। मेरे आने का बाद भी वह महिला थाना आती थी। मैंने उससे आवेदन देने को कहा, लेकिन उसने नहीं दिया।
धनेश्वर मंडल, थानाध्यक्ष, चौसा
कहा एसपी ने-मामले की जांच कर होगी कार्रवाई
मामले के संज्ञान में आने के बाद एसपी ने कहा कि अभी तक इसकी पूरी जानकारी नहीं है। सभी ऑडियो को सुनने के बाद जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार, एसपी, मधेपुरा
