कालवैशाखी की सक्रियता से बिहार में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज आंधी-पानी के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। सूबे में कई जगहों पर ओले गिरने की भी सूचना है। हवा की रफ्तार अधिकतम 30 से 40 किमी प्रतिघंटे रहने की वजह से जनजीवन पर इसका असर पड़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मौजूदा मौसमी सिस्टम को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के येलो अलर्ट जारी कर सात मई तक सचेत रहने को कहा है। साथ ही मौसम विज्ञान केंद्र पटना के फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के माध्यम से भी मौसम खराब होने की स्थिति में विभिन्न जिलों के लिए अलर्ट जारी किया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पिछले 24 घंटों में उत्तर बिहार में विभिन्न जगहों पर आंधी पानी की तीव्रता थोड़ी अधिक रही। गौनाहा में 30 मिमी, त्रिवेणी में 20 मिमी, माधोपुर, फारबिसगंज और बगहा में 10 मिमी बारिश हुई। पश्चिमी चंपारण के कुछ भागों में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। बुधवार की शाम पांच बजे के बाद कटिहार, भागलपुर, बांका और पूर्णिया में गरज-तड़क के साथ आंधी-पानी का अद्यतन अलर्ट जारी किया गया। इन जिलों के लिए सात मई तक आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

क्यों बनी है यह स्थिति
अभी सूबे में प्री मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। निम्न दबाव की रेखा पंजाब से बिहार होते हुए दक्षिणी हिमालयन क्षेत्र और बंगाल होते हुए असम तक है। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से नमी वाली हवाओं का प्रवाह तेज हो रहा है। इस वजह से तापमान में गिरावट आई है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश और आसपास में बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कमजोर पड़ने लगा है लेकिन कालवैशाखी की सक्रियता बने रहे रहने से आंधी पानी के साथ साथ कहीं कहीं ठनका और ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
पारा सामान्य से काफी नीचे
आंधी पानी की वजह से सभी शहरों का पारा सामान्य से काफी नीचे आ गया है। पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री नीचे है। भागलपुर का अधिकतम तापमान तो चार डिग्री तक नीचे आ गया है। पूर्णिया और गया में भी यही स्थिति है। ठंडी हवा बहने से मौसम सुहाना हो गया है। अभी दो तीन दिन इसी तरह मौसम के बने रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान भी लगभग बुधवार की तरह ही रहेगा। अमूमन दोपहर में मौसम साफ रहेगा।
