जिले में ऑनलाइन म्यूटेशन की धीमी गति पर डीएम ने नाराजगी जतायी है। डीएम ने जिले के 11 सीओ को शोकॉज और एक सीओ के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है। सभी सीओ को 15 दिनों के अंदर 90 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शुक्रवार को डीएम सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में राजस्व एवं आंतरिक संसाधन की बैठक हुई। बैठक में ऑनलाइन म्यूटेशन की समीक्षा में पाया गया कि 11 अंचलों में 25 प्रतिशत से अधिक आवेदन निपटारा के लिए लंबित है। सबसे अधिक कहलगांव और गोपालपुर में लंबित है। कहलगांव में 39.23 और गोपालपुर 39.22 प्रतिशत आवेदन लंबित है। डीएम ने गोपालपुर सीओ को फटकार लगाते हुए वेतन निकासी पर रोक लगा दी। कहलगांव में नये सीओ ने कुछ दिन पहले योगदान किया है।

इसे देखते हुए डीसीएलआर को आवेदनों का निपटारा करने में सहयोग करने को कहा। समीक्षा में पाया गया कि शाहकुण्ड अंचल में 25.89 प्रतिशत, नवगछिया में 25.99 प्रतिशत, गोराडीह में 26.12 प्रतिशत, सुल्तानगंज में 26.52 प्रतिशत, बिहपुर में 27.65 प्रतिशत, खरीक में 29.08 प्रतिशत, रंगरा चौक में 29.69 प्रतिशत, पीरपैंती में 31.45 प्रतिशत और सन्हौला अंचल में 33.58 प्रतिशत आवेदन लंबित हैं। डीएम ने लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए शोकॉज करने और तत्काल आवेदनों का निपटारा करने का निर्देश दिया। पाया गया कि राज्य की औसत से अधिक आवेदन जिले में लंबित हैं। सभी सीओ को समय सीमा के अंदर म्यूटेशन के कामों को निपटाने की चेतावनी दी गयी। कहा गया कि अगर सर्वर में परेशानी आ रही है तो सुबह और शाम में अधिक से अधिक आवेदनों का निपटारा करें।
