उत्तर बिहार को पूर्व बिहार से जोड़ने वाली सड़क कदवा मिलन चौक के पास ध्वस्त -Naugachia News

कोशी में प्रलयकारी बाढ़ आने से भीषण तबाही हुई है. बाढ़ से विकास प्रभावित हुआ है. त्रासदी का मंजर देख लोग हैरान है. उत्तर बिहार को पूर्व बिहार से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी सड़क कदवा मिलन चौक के पास ध्वस्त हो गया है. लोग जान को जोखिम में डालकर अपने वाहन को ध्वस्त सड़क से पार करा रहे हैं. बस चालक भी देखा देखी ध्वस्त सड़क पर तीन से चार फीट गहरे पानी ने बस को उतारकर मधेपुरा की ओर बढ़ा रहे हैं .जो बहुत ही खतरनाक है. नवगछिया मधेपुरा सड़क मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को अविलंब नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बहुत बड़ा सड़क हादसा घटित होने की संभावना प्रबल हो गई है.

हो सकता है ध्वस्त सड़क के जानलेवा गड्ढे में जब यात्रियों से भरी बस को चालक दोनों तरफ गहरे पानी के बड़े खाई में जान जोखिम में लेकर बाढ़ के गहरे पानी में उतरते हैं तो बस में सवार लोगों की सांसे अटक जाती है .फिर भी चालक मानने को तैयार नहीं है. बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे गांव की मुख्य और मजबूत सड़कें  ध्वस्त हो कर बर्बाद हो गया है .

बड़ा जोखिम लेकर बस चालक बाढ़ प्रभावित सड़क से अपने भारी वाहनों को पार कराने की गुस्ताखी कर रहे हैं .इस तरह के जोखिम भरे कार्य कर रहे बस चालकों के कारनामे से स्थानीय नवगछिया पुलिस अनभिज्ञ है. कभी भी यात्रियों से भरी बस है पलटकर पानी से भरे गहरे खाई में जा सकती है. समय रहते मुकम्मल प्रयास कर वाहनों को नवगछिया चौक से मधेपुरा की  की ओर जाने से अभिलंब नहीं रोका गया गया कभी भी बड़ी घटना हो सकती है बचाव का पहल कर बड़ी घटना को टाला जा सकता है. लोकमानपुर के 422 परिवारों के बीच बांटी राहत सामग्री खरीक प्रखंड के बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच सोमवार तक 450 पैकेट राहत सामग्री बांटा गया है.

इस संदर्भ में पूछे जाने पर खरीक अंचलाधिकारी निलेश कुमार चौरसिया ने बताया की अव तक 422 पैकेट बाढ़ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के बीच राहत सामग्री बांटी गई है. बाढ़ प्रभावितों के लिए और जितनी जरूरत होगी उतनी पैकेट मुहैया कराई जाएगी. कोसी के जल स्तर में गिरावट हो रही है. धीरे-धीरे जिंदगी सामान्य होने लगेगी. बाढ़ प्रभावित इलाके में खरीक अंचलाधिकारी अन्य कर्मचारियों के साथ खुद लगातार कैंप कर रहे हैं बाढ़ पीड़ितों को जिन आवश्यक चीजों की जरूरत होगी वह जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएग.

कालूचक के तकरीबन 30 घरों में बाढ़ का पानी रहने से लोग रतजगा कर रहे हैं. कई लोगों के घर कोसी में ध्वस्त हो गए है.जल स्तर कम हो रहै है लेकिन  मुश्किलें बढ़ती जा रही है. जिन घरों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है. लोग मचान बनाकर ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं. कालूचक के महादलित परिवार प्रशासनिक पदाधिकारियों से राहत की उम्मीद लगाए बैठे है. प्रशासनिक पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि उन्हें भी जल्द से जल्द राहत दी जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *