समजावादी पार्टी का घोषणा पत्र : अखिलेश यादव ने की लुभावने वादों की बौछार

लखनऊ : अखिलेश यादव ने 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र पिता मुलायम सिंह यादव की गैरमौजूदगी में जारी किया. इस दौरान अखिलेश यादव ने नये वादों को बौछार कर दी. उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र में प्रेशर कुकर, घी, दूध, पेंशन बांटने से लेकर राज्य के छह और शहरों में मेट्रो ट्रेन परियोजना शुरू करने का एलान कर दिया. अखिलेश ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में व्यापारियों को सुरक्षा देने और अल्पसंख्यकों के विकास के वादे भी किया. अखिलेश ने इस दौरान यह दिखाने की पूरी कोशिश की कि उनका जोर समावेशी विकास पर है. उन्होंने हर जिले को फाेर लेन से जोड़ने, पशु एंबुलेंस की व्यवस्था करने, कम आय वर्ग के लोगों का मुफ्त इलाज कराने जैसे लुभावने वादे किये.

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समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र की बड़ी बातें

अखिलेश ने कहा कि स्मार्ट फोन के लिए 1.40 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुआ है, हम सरकार बनने पर इसका वितरण करेंगे.
उन्होंने गरीब महिलाओं को जल्द खाना बनाने के लिए मुफ्त प्रेशर कुकर देने का एलान किया.
एक करोड़ लोगों को एक हजार रुपये मासिक पेंशन देने का वादा.
कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, महिलाओं को रोडवेज बस में आधा किराया की छूट, मजदूरों को मध्याह्न भोजन देंगे,
व्यापारियों को सुरक्षा देंगे.
गांव में पशुओं के बीमार होने पर एंबुलेंस व डॉक्टर आयेंगे और इलाज किया जायेगा.
1.5 लाख से कम वार्षिक आय वाले का मुफ्त इलाज.
अल्पसंख्यकों के कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं लायेंगे.
लखनऊ एयरपोर्ट पर एयर ऐंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायेंगे.
प्राइमरी स्कूल के बच्चों को एक लीटर घी मिलेगा. कुपोषित बच्चों के बीच होगा वितरण. उन्हें एक डब्बा दूध भी दिया जायेगा.
अगली सरकार में मेट्रो में बैठकर बजट पेश करने जाऊंगा : अखिलेश का दावा
गांव में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करायेंगे.
समाजवादी किसान कोष की स्थापना होगी.
सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र का रोडमैप बनायें, उसी अनुसान विकास होगा.
वाराणसी, आगरा, कानपुर, मेरठ में मेट्रो पर काम शुरू करेंगे.
सभी जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़क से जोड़ेंगे.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ड एज होम बनायेंगे.

अखिलेश यादव का भाषण

अखिलेश ने कहा कि एक बार फिर सपा को विजयी बनायें, हम उत्तरप्रदेश को काफी आगे बढ़ा देंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह समावेशी विकास हमने किया, उसी तरह करेंगे. उन्होंने लोगों से अपील की कि हमें एक बार बहुमत दें.

अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अभी काम बहुत काम करना है. उन्होंने कहा कि हमने इस क्षेत्र में बहुत काम किया. आरटीइ एक्ट लागू किया. सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता कैसे अच्छी हो, इस दिशा में आने वाले सालों में काम करेंगे.

हमारे कार्यकर्ताओं से कोई दस काम पूछे, तो वह तुरंत गिरा देंगे.

अखिलेश यादव ने कहा कि हमने बिजली के लिए बहुत काम किये. आज गांवों में भी 17-18 घंटे बिजली उपलब्ध है.

उन्होंने कहा कि अगर पत्थर वाली सरकार आ गयी तो सोचो क्या होगा. अखिलेश ने कहा कि खजाने के पैसे से जो हाथी बनाये गये वो वैसे के वैसे पड़े हैं, जो खड़े थे वे खड़े हैं, जो बैठे थे वे बैठे हैं.

हम सोचते हैं कि खजाने के पैसे से गरीब के लिए कैसे काम हो. उन्हें साड़ी दें.

अखिलेश यादव ने कहा कि 108 नंबर का एंबुलेंस बीमार लोगों के लिए, गरीब गर्भवती के महिलाओं के लिए 102 एंबुलेंस शुरू किया. उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर दूसरे दल योग करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 100 नंबर पर भी लोगों का भरोसा है. अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने राज्य के हर जिले में काम किया, शायद ही कोई ऐसा जिला है, जहां समाजवादियों की आवाज नहीं पहुंची हो. उन्होंने कहा कि हमने अंतरराष्ट्रीय स्तर की सड़कें बनायी है.

लखनऊ : समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आज उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी करने में खासा विलंब होता दिख रहा है. घोषणा पत्र जारी करने के लिए 11 बजे का वक्त तय किया गया था, लेकिन 11.45 बजे तक मुलायम सिंह यादव नहीं पहुंचे. जब सवा 11 बजे तक मुलायम घोषणापत्र जारी करने के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे तो आजम खान मुलायम सिंह के आवास उन्हें लेने पहुंचे, लेकिन वे खबर लिखे जाने तक नहीं पहुंचे. इस बीच मुलायम की अनुपस्थिति के बीच ही अखिलेश यादव ने 11.50 बजे अपना संबोधन शुरू किया.

मंच पर सभी लोग अपनी-अपनी सीट पर बैठे नजर आ रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव की बगल में मुलायम सिंह की सीट अब भी खाली है.
राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि मुलायम सिंह यादव शायद उनके लोगों को टिकट बंटवारे में एडजस्ट नहीं किये जाने के कारण नाराज हैं. मुलायम के करीबी रहे अंबिका चौधरी कल सपा छोड़ बसपा में जा चुके हैं, वहीं शिवपाल के कई लोगों को अखिलेश यादव टिकट नहीं दे रहे हैं. इन सब कारणों से माना जा रहा है कि शायद नेताजी एक बार फिर अखिलेश से नाराज हो गये हों.

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