चोरी करते युवकों को ग्रामीणों ने एक चौराहे पर बिठाकर जमकर कुटा-Naugachia News

नारायणपुर : भवानीपुर थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में शनिवार की देर रात्रि देवेंद्र शर्मा का मोबाइल की चोरी को लेकर  गांव के ही परमानंद शर्मा के पुत्र 15 वर्षय पुत्र कारे शर्मा को ग्रामीणों ने जमकर पिटाई की. जानकारी मिली है कि कार्य शर्मा मोबाइल चुराते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था. इसके बाद उसे गांव के एक चौराहे पर बिठाकर बेरहमी से पीटा गया.

जिन लोगों का मोबाइल से कोई वास्ता न था ऐसे लोगों ने भी चोरी के आरोप में पकड़े गए युवक पर अपना हाथ साफ किया. युवक की बेरहमी से की जा रही पिटाई का सोशल मीडिया पर वीडीओ वायरल किया गया है. जिसमें लात, घुसे, डंडे व बाल उखाड़ने को बेरहमी तरीके से पीटा गया है. मामला प्रकाश में आने के बाद भी भवानीपुर पुलिस ने इस मामले में किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की है. नारायणपुर प्रखंड के कई बुद्धिजीवियों ने बताया कि वायरल हुआ वीडियो मानवता को झकझोर देने वाला है.

क्या बात मान लिया जा सकता है कि युवक ने चोरी की होगी लेकिन युवक की पिटाई करने वाले लोगों को कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं है और पुलिस को वायरल हुए वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना चाहिए. मानवता से जुड़े मामले में किसी भी आवेदन का इंतजार पुलिस को नहीं करना चाहिए और 27 फुट होकर कार्यवाही  करना चाहिए. कुछ बुद्धिजीवियों ने मामले को मानवाधिकार आयोग तक ले जाने की जुगत में है.  भवानीपुर थानाध्यक्ष जयंत प्रकाश ने बताया मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है न ही कोई आवेदन दिया गया है. इधर परिजन अपने बच्चे को पीटते देख सबसे फरियाद लगा रहे थे.

 मोबाइल चोरी होने के बाद प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करती है पुलिस
कई गांव के कई युवकों ने बताया कि जब मोबाइल चोरी हो जाती है तो पुलिस के पास जाने पर मोबाइल के बरामद होने की संभावना जरा भी नहीं दिखती है. मोबाइल चोरी करने की प्राथमिकी पुलिस आसानी से नहीं लेती है. ज्यादा जिद करने पर पुलिस पदाधिकारियों द्वारा कहा जाता है कि मामले का संनहा दर्ज करवा लो. वह लोग मोबाइल ढूंढने का प्रयास करेंगे. दो चार दिनों बाद ही मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. इस तरह के कई मामलों के उदाहरण आए दिन देखे सुने जा सकते हैं.

युवकों ने बताया कि जब इस तरह की स्थिति है कि मोबाइल चोरी होने के बाद पुलिस किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करती है तो अगर मोबाइल चोर रंगे हाथ दबोचा जाए तो उन्हें सजा देने का हक भी पीड़ित व्यक्तियों और समाज का ही बनता है. जिस प्रकार मोबाइल का चलन बढ़ा है ठीक उसी प्रकार मोबाइल चोरी की घटनाएं भी बढ़ी है. ऐसी स्थिति में मोबाइल चोरी हो जाने के बाद बरामदगी की संभावनाएं संभावना बिल्कुल भी नहीं रहती है.

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