
आचार्य चाणक्य की नीतियों का भारतीय साहित्य और आम जनमानस में महत्त्वपूर्ण स्थान है। इन्हें अपने जीवन में अपनाकर जीवन को सुखमय एवं सफल बना सकते हैं। आचार्य चाणक्य का अनुसरण करके साधारण बालक चंद्रगुप्त मगध का सम्राट बना था। उन्हें राजनीति कुशल, कूटनीति में संपन्न, अर्थशास्त्र के विद्वान माना जाता है। उनकी नीतियों में सुखी जीवन के कई सूत्र छिपे हैं, जिन्हें आज भी प्रयोग में लाया जाता है। चाणक्य के अनुसार बलवान से झगड़ा करने पर असफलता मिलना निश्चित होता है।

गजपादयुद्धमिव बलवद्विग्रह :।
व्याख्या: बलवान से युद्ध करना हाथियों से पैदल सेना को लड़ाने के समान है। हाथी और पैदल सेना का कोई मुकाबला नहीं हो सकता। उसमें पैदल सेना के ही कुचले जाने की संभावना रहती है। अत: युद्ध बराबरी वालों से ही करना चाहिए।














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