राजधानी दिल्ली में गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर को लेकर बवाल मच गया है. यहां पिछले कुछ दिनों के दौरान DL..SEX सीरीज़ वाले रजिस्ट्रेशन नंबर दिए जा रहे थे. लेकिन अब एक महिला की शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने इस रजिस्ट्रेशन नंबर पर 29 नवंबर से रोक लगा दी है. दरअसल पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही थी जहां एक महिला के स्कूटर पर DL3..SEX लिखा था. सोशल मीडिया पर लोग इस तस्वीर का मज़ाक उड़ा रहे थे. साथ ही ‘सेक्स’ शब्द को लेकर कुछ लोगों ने नाराज़गी भी जताई. लेकिन बाद में स्कूटी चलाने वाली इस महिला ने दिल्ली महिला आयोग में इसकी शिकायत की. अब DCW की नोटिस के बाद परिवहन विभाग ने इस सीरीज़ पर रोक लगाने का फैसला किया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दिल्ली में अब SEX सीरीज का नंबर नहीं होगा अलॉट, विवाद के बाद परिवहन विभाग ने लिया फैसला – the number of sex series will no longer be allotted in delhi after
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक दिल्ली में 15 अक्टूबर से लेकर 28 नवंबर के बीच 4600 टू व्हिलर का रजिट्रेशन किया गया. बता दें की नंबर की सीरीज़ ऑटो जेनरेटेड होती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए DCW ने शुक्रवार को परिवहन विभाग को नोटिस जारी किया. साथ ही मांग की गई की तुंरत इस ‘SEX’ सीरीज़ वाले नंबर को हटाया जाए.आयोग को इस मामले में एक लड़की की तरफ से शिकायत मिली थी.

लोग कर रहे थे परेशान
लड़की ने आयोग को बताया किया कि पंजीकरण संख्या में सेक्स शब्द के इस्तेमाल से उन्हें गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. लड़की ने आयोग को बताया कि इस सब के कारण आस पास के लोग उसे ताना मारते हैं और उसे चिढ़ाते भी हैं जिसकी वजह उसे कही आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि जरूरी कामों के लिए भी घर से बाहर निकलना नामुमकिन सा हो गया है. आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए परिवहन विभाग को नोटिस जारी कर स्कूटी के वाहन पंजीकरण नंबर में तत्काल बदलाव की मांग की थी.
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने नोटिस जारी करते हुए कहा था, ‘ ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे समाज में आज भी कुछ ऐसे लोग रहते हैं जो इतनी नीच सोच रखते हैं और लड़कियों को तंग करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. मुझे इस बात का गहरा खेद ही की लड़की को इतनी प्रताड़ना झेलनी पड़ी और मैंने इस मामले को सुलझाने के लिए परिवहन विभाग को 4 दिन का समय दिया है ताकि लड़की को और तकलीफ न हो.
