पटना. बिहार राज्य, UPSC का गढ़ माना जाता है, कहा जाता है कि यहाँ बच्चा पैदा होने से पहले ही माँ-बाप उसके लिए ‘प्रीलिम्स’ और ‘मेंस’ की किताबें खरीदकर ला लेते हैं। ऐसे में अगर घरवाले बच्चे को UPSC की बजाय कुछ और डिग्री लेने भेजें और बच्चा पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान ना देकर विरोध-प्रदर्शनों पर अपना ध्यान लगाये तो माँ-बाप तो आग-बबूला होंगे ही।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ऐसा ही एक मामला सामने आया है पटना से, जहाँ एक पिता ने ‘CAA’ के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में बैनर लेकर खड़े अपने बच्चे को पहचान लिया और उसे घर बुलाकर तबियत से कूट दिया।
दानापुर के रहने वाले रघुबीर दास जी ने अपने इकलौते चिराग ‘रौशन’ को लोन लेकर अहमदाबाद भेजा था कि लड़का ‘MBA’ की डिग्री लेकर किसी दिन बड़ी कंपनी में मैनेजर बनेगा, लेकिन रौशन का दिमाग ‘मार्केटिंग मैनेजमेंट’ में ठहरा ही नहीं और वो ‘CAA’ के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में कूद गया।

एक दिन टीवी देखते हुए रघुबीर जी ने अपने बेटे को नारा लगाते हुए पहचान लिया, बस फिर क्या था, उन्होंने तुरंत रौशन को घर आने के लिए टेलीग्राम भेज दिया। कल शाम को रौशन जब घर आया तो रघुबीर जी ने उसकी जमकर कुटाई कर दी।
बाद में फ़ेकिंग न्यूज से बात करते हुए रघुबीर जी ने अपना दुखड़ा सुनाया कि, “रौशन मेरा इकलौता बेटा है, मामूली सी नौकरी होते हुए भी मैंने स्टेट बैंक से बीस लाख रुपये का लोन ले रखा है, ऐसे में अगर ये नालायक वहाँ पढ़ने की बजाय झंडा उठाकर घूमेगा तो गुस्सा तो आएगा ही ना!
मैंने पहले ही कहा था कि मुखर्जी नगर में जाकर ‘UPSC’ की तैयारी कर, लेकिन इसने मेरी एक ना सुनी! अपनी मर्जी से ‘MBA’ पढ़ने गया, वो भी इतनी दूर, हमें भी साथ लेकर डूबेगा ये नालायक!” -रघुबीर दास ने तमतमाते हुए कहा।
सूत्रों की मानें तो रौशन ने इस हादसे के बाद अपने पिता को फेसबुक पर मोदी भक्त, डिक्टेटर और फासिस्ट वगैरह बोल दिया है जो इस रास्ते में चलने के लिए पहली शर्त मानी जाती है। ये बात अलग है कि इस हिमाकत के लिए उसे अलग से धोया गया। रौशन फ़िलहाल अपने घर से दूर ‘KHP’ अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जोरों से चल रहा है, शायद दिमाग़ का भी
