दौरा : स्टेट स्वास्थ्य टीम ने नवगछिया अनुमंडल अस्पताल का किया निरीक्षण
अनुमंडल अस्पताल का बुधवार को स्टेट स्वास्थ्य टीम ने निरीक्षण किया। टीम में स्टेट प्रोग्राम मैनेजर डॉ. अविनाश पांडेय, प्रोग्राम अफसर डॉ. एके साही, शिशु विभाग के सहायक निदेशक डॉ. विमलेश सिन्हा, डीपीएम फैजान अंसारी शामिल थे। स्वास्थ्य टीम ने अस्पताल के इमरजेंसी, ओपीडी कक्ष, ओटी, लेबर रूम, दवा वितरण कक्ष, स्टोर रूम, पैथोलॉजी आदि का निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए। इस दौरान अस्पताल की एंबुलेंस का भी निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने एंबुलेंस के अंदर जाकर साफ-सफाई देखी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एम्बुलेंस में मरीज को लेकर चलने के दौरान उपलब्ध आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की जांच की। इस दौरान एंबुलेंस में एक्सपायरी दवा मिली। जिस पर डीपीएम ने एंबुलेंस के ईएमटी को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल उन दवाओं को बदलने को कहा। उन्होंने हर दिन एम्बुलेंस की दवाओं की जांच करने का निर्देश दिया। ओपीडी में इलाज कराने आए मरीजों को 15 दिन का दवा दी जाती थी। अब मरीजों को एक माह की दवा दी जाएगी। इसके साथ दवाई से संबंधित जो भी कमी है उसे दूर करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. एके सिन्हा सहित अस्पताल के सभी चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद थे।

अस्पताल के क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत कराएं, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करें
लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेबर रूम में प्रसव करने वाले एएनएम से आवश्यक जानकारी ली। प्रसव कक्ष की साफ-सफाई को भी देखा। स्वास्थ्य टीम ने अस्पताल के नए और पुराने भवन का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य टीम ने बताया की अस्पताल में चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण होना है। इसको लेकर जल्द ही भवन का निर्माण होगा। विभाग इसकी तैयारी कर रही है। जबतक चाइल्ड केयर सेंटर के भवन का निर्माण होगा उससे पूर्व अस्पताल में जो भी कमियां है उसे दूर करने का लक्ष्य है।

अस्पताल का नया भवन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसकी मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। पैथोलॉजी जो पुराने भवन में संचालित हो रहा है उसे नए भवन में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जो भी कमी है वह दूर होगी। इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक को निर्देश दिया गया है।
