नवगछिया : नगर पंचायत के रामनगर बिंद टोली सकुचा पीपा पुल के पास कोसी नदी में बह रहे कई जानवरों के लाशों के साथ मंगलवार को फिर एक बच्ची की लाश दिखाई दी है. बच्ची की लाश देखने के बाद ही गांव में एक बार फिर से सनसनी फैल गयी. मालूम हो कि 22 नवंबर को ग्रामीणों की सूचना पर कोसी नदी से मवेशियों और जानवरों के शवों के बीच तेरी रही एक महिला और बच्ची के शव को नवगछिया पुलिस ने बरामद किया था.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर शिनाख्त करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. अभी तक दोनों शवों की शिनाख्त भी नहीं हो पाई थी कि कोसी नदी में तीसरी लाश दिखाई देने की सूचना है. ग्रामीण स्तर से नदी में तैर रही बच्ची के की लाश की तस्वीर को वायरल किया गया है. मालूम हो कि इस वर्ष पीपा पुल बनने के बाद बिंद टोली के पास कोसी की धारा इस तरह की हो गई है की कोसी में जाने वाला किसी भी प्रकार का मलबा बिंद टोली घाट के पास जमा हो जा रहा है. लोग सर आंत से परेशान हैं तो महामारी की भी आशंका है.
ग्रामीणों ने की शवों को बिंद टोली घाट से हटाने की मांग
नवगछिया प्रखंड के बिंदटोली पीपापुल के पास कोसी नदी के किनारे फंसे मवेशियों का मलवा अब तक प्रशासन द्वारा हटाये जाने से गांव के लोगों का जीना मुहाल है. मालूम हो कि लगभग 10 दिनों से नदी में दर्जनों मवेशियों के शव पड़े होने के एक किलोमीटर क्षेत्र की आबादी प्रभावित है. लोगों को कुछ नहीं सूझ रहा है आखिर वह इस दुर्गंध से बचने के लिए करेंगे क्या ? एक सप्ताह पूर्व इसकी सूचना नवगछिया बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष को दी गई थी. लेकिन सूचना के बाद कोई भी पदाधिकारी इस दिशा में ध्यान नहीं दिया.

जब यहां पर एक महिला एवं एक बच्चे का शव देखा गया तो इसकी सूचना मिलने पर नवगछिया थानाध्यक्ष सहित बीडीओ व सीओ स्थल पर पहुंचे. स्थल पर पहुचंने के बाद नवगछिया पुलिस ने महिला व बच्चे का शव पानी से निकाला लेकिन मवेशियों के मलवे को यहीं पर छोड़ दिया. सकुचा गांव के लोगों ने कहा कि अब पशुओं के मलवे का सड़ान्ध होने से होने वाली बदबू पूरे गांव में फैल रही है. अगर इसे यहां से नहीं हटाया गया तो गांव में महामारी फैल जाएगी. सौकचा के ग्रामीणों ने नवगछिया के प्रशासनिक पदाधिकारियों से कोसी नदी घाट पर डंप हुए मवेशियों के मलबे को वहां से हटाने की मांग की है.
– कहते हैं सीओ
नवगछिया सीओ विद्यानंद राय ने कहा कि एक से दो दिनों के अंदर मवेशियों के मलवे को वहां से हटा दिया जाएगा. इस दिशा में प्रशासनिक स्तर से पहल किया जा रहा है.
