गोपालपुर : जल संसाधन विभाग की उदासीनता के कारण इस वर्ष पुनः बाढ व कटाव का दंश झेलना पड़ेगा. बताते चलें कि इस्माइलपुर प्रखंड को बाढ से बचाने हेतु विक्रमशिला सेतु के जहान्वी चौक से इस्माइलपुर प्रखंड मुख्यालय तक लगभग दस किलो मीटर लंबे तटबंध निर्माण की स्वीकृति दी गई और तेतीस करोड की राशि से तटबंध निर्माण का कार्य भागलपुर के श्रीराम इंटप्राइजेज को निविदा के द्वारा दी गई. परन्तु तटबंध निर्माण कार्य में लगभग 98एकड जमीन का अभिग्रहण जल संसाधन विभाग द्वारा भू अर्जन विभाग के द्वारा 17करोड से किया जाना था.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लेकिन संबंधित किसानों को ना तो जल संसाधन विभाग और ना ही भू अर्जन विभाग द्वारा जमीन अधिग्रहण संबंधी किसी प्रकार की नोटिस दी गई. जिस कारण भूस्वामियों ने जल संसाधन विभाग द्वारा तटबंध निर्माण हेतु कराया जा रहे बेस लाइन कार्य को बाधित कर दिया. इधर भूस्वामी द्वारा जल संसाधन विभाग द्वारा तटबंध निर्माण हेतु प्रस्तावित स्थल पर खनन विभाग द्वारा परमिट लेकर मिट्टी का उठाव बडे पैमाने पर कई दिनों से किये जाने के कारण जल संसाधन विभाग में अफरा तफरी मत गई.

तटबंध निर्माण कार्य में विलंब होने से इस्माइलपुर के लोगों को पुनः बाढ का दंश झेलना पड़ेगा. जिस कारण किसान व ग्रामीणों में काफी मायूसी देखी जा रही है. कार्यपालक अभियंता ई विरेन्द्र कुमार कहते हैं कि भूस्वामियों की सूची बना ली गई है. जल्द ही अधिग्रहण की प्रक्रिया कर तटबंध निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ करवाया जायेगा.
