नवगछिया : केनरा बैंक के एनजीओ समाज उन्नति केंद्र का एजेंट ऋण वसूली के बाद 1 करोड़ 40 लाख 62 हजार रुपए लेकर फरार हो गया। जिन महिलाओं से लोन लिया था वे सोच रहीं थीं कि उन्होंने सारी किस्त भर दी है, पर उन्हें जब किस्त भरने के लिए नोटिस आया तो महिलाएं केनरा बैंक पहुंची और हंगामा किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
महिलाओं ने बताया कि एनजीओ समाज उन्नति केंद्र में महिलाओं को केनरा बैंक के माध्यम से ऋण दिलाया जाता था। एक समूह में 5 महिलाएं होती हैं। प्रत्येक महिला को एक लाख से 2 लाख तक ऋण दिलाया जाता था।
एनजीओ के एजेंट समूह की महिलाओं से ऋण वसूली कर बैंक में जमा करता था। एजेंट ऋण वसूली का रुपया लेकर फरार हो गया। ऋण वापस नहीं मिलने पर बैंक ने समूह की महिलाओं को नोटिस जारी किया। नोटिस मिलने के बाद बैंक आकर पता किया तो बताया गया ऋण वसूली का रुपया जमा नहीं किया गया है।


पैसा देने के बाद भी नोटिस क्यों आया ?
पीड़ित महिला स्वीटी देवी ने कहा कि हम केनरा बैंक से 2020 में लोन लिए थे। हमने 30 हजार रुपया दे दिया। फिर लोन लिया तो 40 हजार रुपया भी दे दिया। अब मुझे हेड ऑफिस से फोन आ रहा है कि आपने लोन लिया है, तो हमने कहा कि हमने तो पैसा जमा कर दिया है। मुझे 2 लाख से ऊपर का नोटिस आया है। लोन लेने जाते है कि मेरे पर पहले से लोन दिखाता है।
पीड़ित महिला कुसुम देवी ने कहा केनरा बैंक से ग्रुप लोन लिए थे। घर पर आकर लोन का किस्त लिया जाता था। हम 2700 रुपया हर महीना देते थे। जिसमे हमने 12 महीनों तक किस्त दिया है। 12 महीने के बाद बैंक से नोटिस आया। जब हम लोन चुका दिया तो नोटिस क्यों आया।

डॉक्यूमेंट रीजनल ऑफिस फॉरवर्ड किया है- मैनेजर
केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक इमरान सिद्दीकी ने बताया कि हमारे यहां से 95 JLG लोन दिए गए। ब्रांच में समाज उन्नति केंद्र के 2 एजेंट अमरेश और संजीत थे। ये दोनों किस्त इकट्ठा करते थे और लाकर बैंक के जमा करते थे।
एक साल के बाद उन्होंने किसी का चार किस्त, किसी का पांच किस्त लेकर यहां पर जमा नहीं किया, उसकी वजह से अब सारा अकाउंट LP (क्रेडिट खराब) हो रहा है।
जो मेन मेंबर होते है, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का सिविल स्कोर पर भी असर पर पड़ा रहा है। बैंक में लगभग 50 लोग आए थे। उनका सारा डॉक्यूमेंट लेकर अपने रीजनल ऑफिस फॉरवर्ड कर दिया है। उनकी समस्या का करने का कोशिश करेंगे।
हमारे द्वारा 10 करोड़ 80 लाख रुपए लोन दिया गया था। जिसमें से अभी भी 1 करोड़ 40 लाख के आस पास बाकी है। लोन 2020-2021 वर्ष में शुरू हुआ था, टोटल 95 केस हमारे यहां है। जिसमें से 74 अकाउंट LP हो गया है। जिनसे रिकवरी नहीं आ रहा है। सभी का कहना है कि पैसा अमरेश और संजीत को दे दिए हैं।
