January 22, 2022

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2446 बिहार दारोगा बहाली का रास्ता साफ, पटना हाईकोर्ट ने याचिका को किया खारिज

बिहार पुलिस के 2446 पदों पर दारोगा, सार्जेंट और सहायक जेल अधीक्षक की नियुक्ति के मामले में तमाम पेंच अब सुलझ चुके हैं. मेरिट लिस्ट से जुड़ा जो मामला पटना हाइकोर्ट पहुंचा था उसपर फैसला सामने आ गया है. अदालत ने शिकायत पक्ष के द्वारा दायर की गयी याचिका को खारिज कर दिया है. जिसके बाद चयनीत अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया है.

मंगलवार को जस्टिस पी बी बजन्थरी की एकल पीठ ने सुधीर कुमार गुप्ता व अन्य की ओर से दायर याचिका पर वर्चुअल रूप से सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया. इसके पहले कोर्ट ने विगत 1 दिसंबर, 2021 को अपने आदेश में कहा था कि यदि चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है तो सुनवाई की अगली तिथि अर्थात 3 जनवरी, 2022 तक इसे जारी नहीं किया जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने आयोग को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश भी दिया था.

बता दें कि बिहार पुलिस में 2446 पदों पर दारोगा, सार्जेंट और सहायक जेल अधीक्षक की बहाली परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम 17 जून 2021 को आयोग ने जारी किया था. इस रिजल्ट को 268 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चैलेंज कर दिया था.अधिवक्ता रीतिका रानी ने इस पक्ष की ओर से दलील पेश किया था.

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से वकील कुणाल तिवारी ने इस मामले को लेकर कहा कि आयोग इस विवाद से जुड़े सारे प्वाइंट पर सफाई भी दे चुका है. स्कोरकार्ड और कटऑफ विवाद के हर बिंदु को नोटिफिकेशन के माध्यम से क्लियर कर दिया गया था.

दरअसल, आयोग ने 17 जून, 2021 को मेरिट लिस्ट प्रकाशित किया गया था. इस मामले में जो याचिका दायर की गयी थी उसे लेकर याचिकाकर्ताओं का मुख्य रूप से कहना था कि सामान्य वर्ग के वैसे अभ्यर्थी जो 75. 8 फीसदी अंक लाकर संयुक्त मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किये गए थे, इन्हें सफल घोषित नहीं किया गया है क्योंकि फाइनल मेरिट लिस्ट में 0.8 फीसदी अंक घटा दिया गया.

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस तरह से भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करते हुए फाइनल मेरिट लिस्ट का प्रकाशन मनमाने ढंग से किया गया है. हालांकि पटना हाइकोर्ट ने सभी दलीलों को खारिज कर दिया और अब चयनीत अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी

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