January 23, 2022

Naugachia News

THE SOUL OF THE CITY

स्कूल छोड़कर दफ्तर में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई, रद्द हुई प्रतिनियुक्ति

स्कूल छोड़ हाकिमों के आगे-पीछे करने वाले शिक्षकों के वेतन का भुगतान अब शिक्षा विभाग नहीं करेगा। आरडीडीई के आदेश पर डीईओ केशव प्रसाद ने सभी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी है। अब सभी शिक्षकों को हर हाल में अपने मूल विद्यालय में योगदान करना होगा। स्कूलों में योगदान कराने की सारी जवाबदेही अब बीईओ की होगी।

हालांकि, संबंधित एचएम को भी कई प्रकार का आदेश दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में सैकड़ों शिक्षक गैर शैक्षणिक काम में प्रतिनियुक्त हैं। विभागीय सूत्रों का मानना है कि बिहार विधान परिषद की निवेदन समिति कि बैठक में लिए गए निर्णय और क्षेत्रीय उप निदेशक के आदेश के तहत जिले के सभी प्रकार के प्रति नियोजन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है।

सभी प्रतिनियुक्त शिक्षक व शिक्षिका को आदेश दिया गया है कि पत्र प्राप्ति के साथ ही अपने मूल विद्यालय में योगदान दे दें। आदेश पत्र में कहा गया है कि सभी बीईओ यह तय करेंगे कि उनके क्षेत्र के किसी भी स्कूल से कोई भी शिक्षक किसी अन्य अन्य कार्यालय में प्रतिनियुक्त नहीं हैं।

आदेश का अनुपालन नहीं होने की स्थिति अथवा इस प्रकार का मामला सामने आने पर संपूर्ण जवाबदेही संबंधित बीईओ की होगी। इस आदेश के बाद प्रतिनियुक्त शिक्षकों में खलबली मच गई है। क्योंकि, जिला शिक्षा कार्यालय सहित प्रखंड कार्यालयों में भी कई विभागों में शिक्षक काम कर रहे हैं।

अवैध तरीके से शिक्षक कर रहे कार्यालयों में ड्यूटी

डीईओ केशव प्रसाद द्वारा जारी आदेश पत्र में सभी एचएम को आदेश दिया गया है कि स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की अनुपस्थिति विवरणी बीईओ को भेजेंगे। किसी भी हाल में किसी अन्य कार्यालय में प्रतिनियोजन शिक्षकों की अनुपस्थिति विवरणी नहीं भेजने की हिदायत दी गई है। आरडीडीई द्वारा डीईओ को भेजे गए पत्र में भी स्पष्ट किया गया है कि अधिकांश मामले प्रखंड संसाधन केन्द्र, प्रखंड कार्यालयों और जिला स्तरीय कार्यालयों में अवैध प्रतिनियुक्ति है।

गैर शैक्षणिक काम में नहीं करना है प्रतिनियुक्त

अगर कोई अधिकारी निर्वाचन के नाम पर शिक्षकों को प्रतिनियुक्त कर रखा है तो आदेश के अनुसार उनका वेतन भुगतान शिक्षा विभाग के द्वारा नहीं किया जाएगा। किसी भी शिक्षक को गैर शैक्षणिक कार्य में प्रतिनियुक्त आपातकालीन कामों व निर्वाचन जैसे कार्यों को छोड़कर नहीं किया जाए।

अफसर की मेहरबानी से करते हैं दफ्तर में काम

परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रोशन कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की कमी सभी विभागों में है। इसकी वजह से शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने वाले शिक्षक कई कार्यालयों में व्यवस्था को दुरुस्त में करने में लगे हैं। अफसरों की मेहरबानी से जिला शिक्षा कार्यालय सहित प्रखंड कार्यालय, प्रखंड संसाधन केन्द्र व अन्य दफ्तरों में सालों से शिक्षक जमे हुए हैं।

चोर चोर चोर.. कॉपी कर रहा है