ये हैं पिस्तौल वाली दबंग मुखिया, अपराधी खाते खौफ, कहते-रिवॉल्वर रानी…

अपराधी इन्हें देखते ही भाग खड़े होते हैं और गांव की महिलाओं की ये हैं दुलारी मुखिया जो वक्त आने पर पिस्टल का स्ट्रिगर भी दबा सकती हैं। अपनी कमर में पिस्तौल बांधकर चलने वाली मुखिया का नाम है आभा देवी जो पटना के फुलवारी शरीफ के गोणपुरा पंचायत की मुखिया हैं।

गांव में कभी भी किसी तरह की समस्या हो उसे सुलझाने के लिए वो अकेली ही निकल पड़ती हैं। गांव की लड़कियां बड़े गर्व से कहती हैं कि हमारी मुखिया एेसी हैं कि जिनको देखकर ही अपराधी भाग जाते हैं, वो अपनी मुखिया की तरह ही बनना चाहती हैं, वहीं गांव की महिलाएं महिला मुखिया की कमर में पिस्टल देख गौरवान्वित महसूस करती हैं।

14 पंचायतों से बना फुलवारीशरीफ प्रखंड का गोणपुरा पंचायत ऐसा है, जहां लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। इस पंचायत में लड़कियों की पढ़ाई पर खास ध्यान दिया जाता है। इस पंचायत की महिला मुखिया आभा देवी की चर्चा आज पूरे बिहार में है।

बिहार के मुख्यंमंत्री के महिला सशक्तिकरण को असली जामा पहनाने का काम गोणपुरा में होता दिखता है। यहां आभा देवी के नेतृत्व में विकास की कई योजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। आभा देवी सिर्फ गोणपुरा की मुखिया ही नहीं बल्कि महानगर योजना समिति की सदस्य भी हैं। पंचायत में हर तरफ विकास की लहर दौड़ रही है तो वहीं असामाजिक तत्व इस महिला मुखिया से खौफ खाते हैं, तो वहीं मुखिया से आम लोग काफी खुश रहते हैं।

मुखिया आभा देवी की दिलेरी तब देखने को मिली जब दो दिसंबर को फुलवारीशरीफ में दंगा भड़काने में नाकाम दर्जनों असामाजिक तत्वों ने गोनपुरा के कुछ घरों में आग लगा दी। सूचना पाते ही मुखिया आभा देवी मौके पर पहुंचीं और अपने पिस्टल के बल पर सभी दंगाइयों को वहां से खदेड़ दिया। जिसकी चर्चा गांव में आज भी होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उस दिन अगर मुखिया जी ने दिलेरी नहीं दिखाई होती तो कई घर दंगा की चपेट में आ जाते। आज मुखिया के पहल के कारण गांव में इंटर कॉलेज, 6 आंगनबाड़ी भवन, 1 मनरेगा भवन, बन चुका है। 16 महादलित बच्चियों को उच्च शिक्षा के लिए एक सामाजिक संस्था की मदद से गोणपुरा के बाहर पढ़ाई के लिए भेज चुकी है। शराब पर पूरी तरह से लगाम लग चुका है।

2011 में बनी मुखिया, 2016 में लिया पिस्टल रखने का लाइसेंस

मुखिया आभा देवी बताती है कि 2011 में पहली बार मुखिया बनने पर शुरूआती दिनों में पति राम अयोध्या शर्मा ने मदद की। बाद में अहसास हुआ कि लोगों ने मुझे मुखिया चुना है तो उनका फर्ज भी मैं निभाऊंगी और धीरे-धीरे पंचायत के विकास और सुरक्षा की कमान खुद संभाल ली।

2014 में मुखिया आभा देवी पर जानलेवा हमला भी हुआ, जिससे वह डरी सहमी नहीं। पहले तो डीएम से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पिस्टल के लाइसेंस की मांग की। 2016 में उन्हें हथियार रखने का लाइसेंस भी मिल गया। और अब इस पिस्टल का उपयोग समाज की सुरक्षा और विकास के लिए बखूबी निभा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......