
हरिओ पंचायत के कहारपुर वार्ड नंबर चार और पांच के करीब 40 घर और 150 एकड़ खेत, बगान, इमारती लकड़ी, फलदार पेड़ डेढ़ महीने के अंदर कोसी में समा गए। कहारपुर के बाढ़ पीड़ित कई परिवार गांव में ऊंचे स्थान पर तो कई गांव छोड़कर बाहर चले गये।
ग्रामीण सनातन सिंह, देवांशु सिंह, सन्नी सिंह, शिवशक्ति सिंह, चिंतामणि सिंह, राम मिलन सिंह ने बताया कि कोसी का पानी कभी घटता है तो कभी बढ़ रहा है। अभी पानी से बीमारी की आशंका कम है क्योकि पानी चल रहा है। वही मुखिया चंचला देवी ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सूखा राहत सामग्री एवं प्लास्टिक का वितरण किया गया है।
सीओ बलिराम प्रसाद ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सूखा राशन एवं प्लास्टिक का वितरण कर दिया गया है और नकद मिलने वाली राशि को लेकर संपूर्ति पोर्टल पर नाम अपडेट किया जा रहा है। इधर पीएचसी प्रभारी डॉक्टर मुरारी पोद्दार ने बताया कि कहारपुर में ब्लीचिंग पाउडर, चूना गैमेक्सीन समेत ओआरएस, हैलोजन टैबलेट व अन्य दवाई भेजी गई गई।
नारायणपुर। प्रखंड के बैकंठपुर दुधैला पंचायत में लगभग दो सौ घरों में गंगा का पानी घुसा है। बैकंठपुर, दुधैला, विसौनी, गंगापुर व चौहद्दी के लगभग तीन हजार की आबादी प्रभावित है। मुखिया अरविंद मंडल ने ग्रामीणों के साथ अंचल कार्यालय पहुंचकर सीओ सह आपदा पदाधिकारी अजय सरकार से मिले। उन्होंने बताया कि बैकंठपुर दुधैला को पांच नाव, शहजादपुर पंचायत को एक और रायपुर के तेलडीहा गांव को दो नाव दिया गया है।














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