नवगछिया में बांध टूटने से बड़ी आफत… लोगों की जान आफत में फंसी
नवगछिया में बांध टूटने से बड़ी आफत आ गई है। यहां बिंदटोली के पास गंगा नदी में दबाव की वजह से तटबंध टूट गया और कई गांवों में गंगा नदी का पानी समा गया। इस्लाइलपुर बिंद टोली के पास तेज बहाव की वजह से यहां लोगों के कई सामान भी बह गए। इस इलाके में कई लोग झोपड़ीनुमा घर बना कर रह रहे थे लेकिन झोपड़ी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। कई ग्रामीण गांव छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। झोपड़ी के घर इस पानी में पूरी तरह बह गए हैं और यहां लोगों की जान आफत में फंसी है।
पानी का बहाव तेज होने की वजह से लोग अपने सामान को नहीं बचा पाए हैं। लोग किसी तरह पानी में चलते हुए ऊंचे स्थानों पर पहुंचे हैं। भागलपुर में तटबंध टूटने की घटना पर राज्य के जल संसाधन मंत्री का बयान भी सामने आया है।
जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि गंगा नदी का जल स्तर कम होने के बाद भागलपुर में कटाव हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से विशेषज्ञों का दो दल वहां भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि गंगा नदी का पानी भागलपुर के गोपालपुर प्रखंड के तीन टंगा पंचायत के बुद्धू चक और निकट के इलाकों में पानी फैल गया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति अभी नियंत्रण में है।

जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि विभिन्न नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में फिर चाहे नेपाल हो या उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के इलाकों में अधिक वर्षा होने के कारण बिहार से बहने वाली हर नदी का जलस्तर शुरू से ही बढ़ा हुआ था। कभी-कभी यह घटता भी था लेकिन बाद में यह बढ़ जाता था। खास तौर से सोन, घाघरा, गंडक इन नदियों का जलस्तर लगातार शुरू से ही बढ़ा हुआ था। यह सभी जानते हैं कि यह सभी नदियां आखिर में गंगा में मिलती हैं और फिर अंत में बंगाल की खाड़ी जाती हैं।
दो दिन तक पानी फैलने की संभावना- मंत्री
मंत्री ने आगे कहा कि इसी कारण से गंगा नदी पर लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण हमारे तटबंधों पर दबाव बना हुआ था। हम लोग इसकी पूरी हिफाजत में लगे हुए थे। लेकिन आज सुबह भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड में इस्माइलपुर बिंदटोली तटबंध जो कि लगभग सवा आठ किलोमीटर का तटबंध है और उसमें करीब 14 स्पर्श हैं जो तटबंध को सुरक्षित करने के लिए बने थे। इसमें स्पर्श संख्या 7 और 8 के बीच में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसकी वजह से नदी का पानी आबादी वाले इलाके में फैल रहा है। हालांकि, पानी के दोनों तरफ के जलस्तर में अंतर नहीं रहने के कारण बहुत ज्यादा प्रवाह तो नहीं है लेकिन फिर भी रिहायशी इलाकों में पानी प्रवेश कर रहा है और उसके आगे भी अभी एक दो दिन तक फैलने की संभावना है।
हमलोगों ने क्षतिग्रस्त बांध के दोनों किनारे को सुरक्षित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। स्थानीय स्तर के वरीय अधिकारी वहां हैं और भागलपुर जिला प्रशासन के लोग भी मुस्तैद हैं। भागलपुर के डीएम और एसपी दोनों तैनात हैं। यहां से दो वरीय अभियंताओं के दल को वहां भेजा गया है।
नदी में बह गया घर
इस तटबंध ध्वस्त के होने से बांध पर घर बना कर रह रहे बुद्धूचक के क़ई विस्थापितों का घर कट कर नदी में बह गया है। बांध के टूटने से गंगा का पानी तिनटगा सैदपुर बीरनगर गांव बैहियार में फैल रहा है। सैकड़ों एकड़ खेत में लगी फसल में बाढ़ का पानी फैल रहा है। वीर नगर बुद्धू चक गांव में पानी भर गया है जिससे लोग अपना अपना घर खाली कर करके ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं।
DM खुद कर रहे निगरानी
वहीं बांध टूटने की सूचना पर नवगछिया भागलपुर जिला पदाधिकारी ,एसपी पूरण कुमार झा, एसडीपीओ ओमप्रकाश ,एसडीओ डॉक्टर उत्तम कुमार का बीडीओ आदि मौके पर पहुंचे। साथ ही जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अधीक्षण अभियंता एवं विशेषज्ञ की टीम वहां पर कैंप कर रही है। डीएम खुद बैठकर तटबंध को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक निर्देश जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता को दे रहे हैं। डीएम के द्वारा बताया गया कि जिस तरह से तटबंध कटा है , तटबंध को खाली करना है एवं पीड़ित लोगों को उच्च स्थान पर पहुंचना है।
डीएम ने निर्देश दिया है कि आपदा मित्र, गोताखोर एवं स्थानीय वॉलिंटियरों की मदद से तटबंध पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाए। इधर वहां पर तटबंध के कटाव के साथ-साथ लगातार पानी का दबाव बढ़ा हुआ है। जिससे पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। मुख्य अभियंता ने बताया कि यहां पर बौसी बांका व अन्य जगहों से सहायक अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता को प्रतिनियुक्त किया गया है। लगभग एक दर्जन इंजीनियरों की टीम के साथ-साथ अन्य लोगों को भी यहां पर कैंप करने की बात कही गई है।

