
नवगछिया : महानंदा एक्सप्रेस में नशाखुरानी गिरोह का शिकार हुआ हुआ दो घंटे तक नवगछिया स्टेशन से बाहर निकल कर अर्ध अचेतावस्था में नग्न अवस्था में घूमता रहा लेकिन नवगछिया रेल पुलिस को कानो कान खबर नहीं मिली.

जब मामले की बाबत स्थानीय लोगों ने रेल पुलिस को सूचना दी तो ग्रामीणों के बीच सादे लिबास में पहुंचे रेल थानाध्यक्ष अनि भोला महतो स्थानीय लोगों से ही उलझ गये और घटना के कई प्रमाण मांगे. इसके बाद ग्रामीणों के तेवर देख कर थानाध्यक्ष युवक को लेकर थाना गये और इलाज के लिए भिजवाया. युवक पश्चिम बंगाल के अलीपुर द्वार जंक्सन, रेलवे बाजार और शनी मंदिर के नजदीक रहने वाले अशोक रहा का पुत्र अरुप रहा है.
अरूप ने बतायी पूरी कहानी
अरूप का कहना है कि वह महानंदा एक्सप्रेस से न्यूजलपाईगुड़ी से कानपुर जा रहा था. उसे कानपुर में उतर कर देहरादून जाना था. देहरादूर के एक दवा कंपनी में उसकी नौकरी लग गयी थी जहां वह ज्वाईन करने जा रहा था. युवक ने कहा कि रेलगाड़ी बिहार प्रवेश कर चुकी थी. इसी बीच तीन युवक जो देखने से स्टूडेंट लग रहे थे. तीनों ने उससे कहा कि उन लोगों को कुछ दूर जाना है इसलिए उसे बैठने के थोड़ी सी जगह दे दी जाय. अरूप ने कहा कि तीनों युवक अच्छे घर के लग रहे थे इसलिए उन्होंने अपनी आरक्षित सीट पर तीनों को बैठाया. अरूप ने कहा कि उसने भूजा खाया तो तीनों युवक को भी खिलाया. इसके बाद तीनों युवक ने उसे चाय पीने को कहा तो वह ना नहीं कर पाया और तीनों की दी हुई चाय को पी गया. चाय पीते ही उसे नींद लगने लगी तो तीनों में एक युवक उसका पैर खींचने लगा. इसके बाद उसने विरोध किया तो तीनों लड़कों ने उसके सभी कपड़े खोल दिये और जबरदस्त पिटाई कर दी. पिटाई के बाद वह बेहोश हो गया. जब जगा तो पता चला कि वह पूरी तरह से नग्न अवस्था में है और उसके सभी सामान गायब हो गये. अरूप का कहना है कि उसके तीन बैग, एक ट्राली, मोबाइल और एटीएम कार्ड, उसके जिंदगी भर का शैक्षणिक प्रमाण पत्र गायब था. अरुप ने कहा कि जैसे ही रेल यात्रियों की नजर उन पर गयी तो सबों ने कहा कि यह पागल है. इसके बाद उसे नवगछिया स्टेशन पर उतार दिया गया. छुपते छुपाते हुए वह नवगछिया स्टेशन से बाहर एक दुकान पर गया तो वहां उसे गमछा दिया गया. फिर पूरी बात बताने के बाद उसे कपड़े दिये गये. स्थानीय लोगों ने ही उसे खाना खिलाया.
स्थानीय लोगों ने कहा
युवक स्टेशन से छुपते छुपाते हुए स्टेशन के पास ही नग्न अवस्था में पहुंचा था. स्थानीय लोगों ने भी पहली दृष्टि में उसे पागल समझ गया. लेकिन जब युवक एक पान के जेनरल स्टोर के पास पहुंचा तो दुकान के संचालक ने उससे कुछ पूछा उस समय अरूप काफी नशे में था. वह साफ साफ बोल भी नहीं पा रहा था. उस दुकानदार ने दुकान में ही रखा गमछा जैसे ही अरूप को बढ़ाया कि अरूप ने गमछे को लपेट लिया तो दुकानदार समझ गया कि युवक पागल नहीं है. पानी पिलाने के बाद युवक कुछ बोलने की स्थिति में आया और आस पास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को सारी बात बतायी.
कहते हैं एसआरपी
कटिहार के रेल एसपी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है. युवक के पिता से भी संपर्क किया गया है. मामले में कार्रवाई की जायेगी.
कहते हैं थानेदार
राजकीय रेल थाना नवगछिया के थानेदार अनि भोला महतो ने कहा कि युवक का इलाज कराया गया है. चूकि घटना नवगछिया में नहीं घटी है. इसलिए युवक का फर्द बयान लेकर उसे संबंधित थाने को कार्रवाई के लिए भेज दिया जायेगा.














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